📰 Kotputli News
Breaking News: सोनारपुर में त्रिणमूल नेता अभिषेक बनर्जी पर हुई भीषण भीड़बंदी: अंडे, पत्थर और थप्पड़
🕒 4 days ago

पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भाग के सोनारपुर में त्रिणमूल कांग्रेस के मुख्य कार्यकारी अभिषेक बनर्जी पर हुई हिंसक भीड़बंदी ने पूरे राज्य को तहलका दे दिया है। यह हमला मंगलवार को शाम को तब हुआ, जब बनर्जी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य सड़क पर एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने के लिए उपस्थित थे। अचानक भीड़ में अशांति फैल गई और कई लोग अंडे फेंकने, पत्थर डालने तथा शारीरिक रूप से हमला करने लगे। बनर्जी को कई बार पत्थरों से मारते हुए देखा गया, जबकि कुछ लोगों ने उनके चेहरे पर लगा शर्ट फाड़ दिया और चश्मा तोड़ दिया। इस बीच स्थानीय नागरिकों और पार्टी के भीड़भाड़ वाले समर्थकों ने भी हस्तक्षेप किया, परंतु आरोप है कि पुलिस की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ती गई। अभिषेक बनर्जी, जो पश्चिम बंगाल के प्रमुख राजनीतिक दल त्रिणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं, ने इस घटना के बाद सार्वजनिक रूप से इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर अत्यंत दुखद है, बल्कि राजनीतिक असहिष्णुता की एक स्पष्ट झलक है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें अंडे और पत्थर की बौछार के साथ साथ कई बार मुँह में धक्के भी लगाए गए, जिससे उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ने वाला था। बनर्जी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान नहीं किया जाता, तो फाइल्ड में लोकतांत्रिक लड़ाई संभव नहीं है। इस घटना पर ममता बनर्जी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "राष्ट्र के शासकों ने लोगों को मार दिया है" और कहा कि इस प्रकार की हिंसा को न तो कोई सत्तावादी पार्टी बर्दाश्त कर सकती है और न ही जनता को इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने इस हमले को "राजनीति में हत्यात्मक व्यवहार" कहा और कहा कि सभी जिम्मेदार पक्षों को सख्त सज़ा का सामना करना चाहिए। विपक्षी दलों ने भी इस हमले की निंदा की, विशेषकर बीजेपी ने इसमें त्रिणमूल कांग्रेस के विरोधियों की भूमिका को उजागर किया और कहा कि यह घटना "लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खतरनाक उल्लंघन" है। इस भीड़बंदी की वजह से कई दर्शक घायल हुए और अस्पताल में भर्ती किए गए। स्थानीय पुलिस ने घटना स्थल से कई अंडे, पत्थर और तोड़े हुए कपड़े एकत्र किए, परंतु अभी तक कोई गिरफ्तार नहीं हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला आगामी विधानसभा चुनावों के पहले का एक बड़ा संकेत हो सकता है, जहाँ दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है। अभिषेक बनर्जी के इस हमले ने राज्य में राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है, और यह सवाल उठ रहा है कि इस तरह की हिंसा को रोकने और कानूनी कार्रवाई को तेज़ करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। अंत में, इस घटना ने फिर एक बार यह साबित किया है कि भारतीय लोकतंत्र में शांति और सहिष्णुता का महत्व कितना अधिक है। जनता और राजनीतिक नेतृत्व दोनों को इस प्रकार की असहिष्णुता के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुरक्षित और स्वच्छ रह सके। अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों से मांग है कि वे तुरंत जांच शुरू करें और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा को रोका जा सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 30 May 2026