नई दिल्ली में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक संक्षिप्त लेकिन प्रभावी बैठक की। यह मुलाकात केवल बीस मिनट की थी, फिर भी इसमें राज्य के कई प्रमुख मुद्दों को उत्तरधारी और समाधान की दिशा में रखा गया। प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री ने राज्य के आधिकारिक राष्ट्रीय गान के प्रयोग को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा, जिससे भारत के राष्ट्रगान के प्रयोग को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रकाश डाला गया। साथ ही, उन्होंने केन्या के मेकेदातु जल परियोजना के संबंध में विस्तृत चर्चा की, जिसे तमिलनाडु ने अपने जल संसाधनों को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना है। मुख्यमंत्री विजय ने दलदल में फँसे मत्स्यकृषकों की समस्याओं को भी प्रधान मंत्री के सम्मुख रखा। समुद्री किनारे पर रहने वाले मत्स्यकृषकों को सीमित मछली पकड़ने के अधिकार, पर्यावरणीय नियमों और आर्थिक सहायता के मुद्दे पर सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। वैध अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ, जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए विशेष योजनाओं को अनुकूलित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि अगले चरण में मुख्यमंत्री विजय विभिन्न केंद्रीय मंत्रीगणों से मिलेंगे। स्रोतों ने बताया कि आगामी दिनों में वह गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सत्ता के साथ चर्चा करेंगे। गृह मंत्री से मुलाकात में राज्य की सुरक्षा, नक्सलवाद की रोकथाम और उत्तरी भारत के साथ सीमा प्रबंधन के मुद्दे पर बातचीत की संभावना है। वहीं, वित्त मंत्री के साथ मुलाकात में तमिलनाडु को केन्द्र से मिलने वाले वित्तीय सहयोग, जल परियोजनाओं के लिए विशेष अनुदान और सामाजिक कल्याण योजनाओं के विस्तार की संभावनाओं को लेकर विस्तृत संवाद किया जाएगा। मुख्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली में विभिन्न संघठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की, जिसमें तमिलनाडु के सांस्कृतिक, शैक्षिक और आर्थिक प्रतिनिधित्व को उजागर करने वाली कई पहलें शामिल थीं। इस मंच से उन्होंने राज्य के अद्यतन विकास योजना, नई औद्योगिक नीतियों और डिजिटल इंडिया के तहत नई तकनीकी सुविधाओं के विस्तार को भी प्रमुखता दी। अंत में कहा जा सकता है कि तमिलनाडु के सीएम विजय के इस दौरे ने राज्य और केन्द्र के बीच संवाद को नई दिशा दी है। प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर साक्षात्कार के साथ ही, स्थानीय समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाकर समाधान की मांग ने इस मुलाकात को सार्थक बनाया। आगामी मुलाकातों में यदि गृह मंत्री और वित्त मंत्री के साथ सकारात्मक परिणाम निकलते हैं, तो यह तमिलनाडु के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ सिद्ध हो सकता है। इस प्रकार, दिल्ली में हुई यह छोटी सी मुलाकात भी राज्य के भविष्य के लिए बड़े परिवर्तन का संकेत रखती है।