📰 Kotputli News
Breaking News: सिद्दरमैया की नई योजना: कई उपमुख्य मंत्री, क्या डीके शिवाकुमार इससे सहमत होंगे?
🕒 1 week ago

कर्नाटक के कांग्रेस प्रमुख सिद्दरमैया ने राज्य में कई उपमुख्य मंत्रियों की योजना पेश की है, जिससे पार्टी के भीतर सत्ता संतुलन और वर्जनात्मक गठबंधन का सवाल उठ रहा है। इस प्रस्ताव के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य है कि पिछड़ी हुई सामाजिक और क्षेत्रीय वर्गीकरणों को संतुलित करते हुए एक मजबूत सरकार बनायी जा सके, जिससे आगामी चुनावों में कांग्रेस को लाभ हो। सिद्दरमैया ने कहा कि केवल एक उपमुख्य मंत्री रखने से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की आवाज़ें दब सकती हैं, इसलिए कई पदों को बनाया गया है ताकि हर वर्ग, हर समुदाय और हर क्षेत्र को प्रशासन में प्रतिनिधित्व मिल सके। इस कदम से कांग्रेस के भीतर सत्ता का पुनर्वितरण होगा और संभावित विद्रोहियों के हाथों में शक्ति के लिये कोई खाली जगह नहीं रहेगी। इस योजना के बारे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नई व्यवस्था में डीके शिवाकुमार की भूमिका क्या होगी। डीके शिवाकुमार को कांग्रेस ने जल्द ही प्रमुख कड़ी के रूप में तैयार किया है और कई संकेत हैं कि उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाने की संभावनाएँ बनी हुई हैं। यदि सिद्दरमैया कई उपमुख्य मंत्रियों को स्थापित करने का दृढ़ निश्चय रखते हैं, तो यह डीके शिवाकुमार के लिए एक चुनौती बन सकता है—या फिर एक अवसर। वह अपने राजनीतिक गठजोड़ को मजबूत करने और विभिन्न वर्गीय समूहों को जोड़ने के लिए इस योजना का समर्थन कर सकते हैं, जिससे उन्हें एक संतुलित और दृढ़ सरकार का निर्माण करने में मदद मिलेगी। दूसरे पक्ष पर, यदि ये कई उपमुख्य मंत्री पद निर्णय में महत्वपूर्ण शक्ति हासिल कर लेते हैं, तो शिवाकुमार के मुख्यमंत्री पद का मार्ग कठिन हो सकता है। इस पर अभी स्पष्टता नहीं है, परन्तु कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में इस मुद्दे पर तीव्र चर्चा जारी है। कर्नाटक में इस समय विभिन्न राजनीतिक ध्रुवीकरण देखे जा रहे हैं। कांग्रेस के भीतर सिद्दरमैया को राज्यसभा में भेजने की भी पुश चल रही है, जबकि कई अंतरिम रिपोर्टें यह भी बताती हैं कि उच्च आधीनता वाले नेता चाहते हैं कि जेसे कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ नेता, जैसे सिद्दरमैया, को एक उच्च स्तर पर ले जाया जाए। इससे पार्टी के इंट्रीन प्राथमिकताओं में बदलाव का इशारा मिलता है। साथ ही, इस योजना से हाथ में शक्ति लगने वाले कई अनुभवी नेता, जैसे डीके शिवाकुमार, भी अपने भविष्य को लेकर सावधान रह रहे हैं। यह राजनीतिक लड़ाई तब और भी तीव्र हो जाएगी जब चुनावी मैदान में विरोधी पार्टियों की प्रतिक्रिया देखी जाएगी। निष्कर्षतः, सिद्दरमैया द्वारा प्रस्तावित कई उपमुख्य मंत्री योजना कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर शक्ति संरचना को पूरी तरह बदल सकती है। यह योजना सामाजिक समावेशिता और क्षेत्रीय संतुलन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पार्टी के अंदरूनी गठबंधन को भी सुदृढ़ करने का इरादा रखती है। लेकिन इस बदलते परिदृश्य में डीके शिवाकुमार की स्थिति अभी अनिश्चित ही बनी हुई है—या तो वह इस नई व्यवस्था का समर्थन करके अपने नेतृत्व को सुदृढ़ कर सकते हैं, या फिर इसे अपनी मुख्यमंत्री आकांक्षा के लिए बाधा मान सकते हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस के वरिष्ठातियों के निर्णय और पार्टी के रणनीतिक कदम ही इस मुद्दे को अंतिम रूप देंगे, जिससे कर्नाटक की राजनीति में नई दिशा निर्धारित होगी।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 27 May 2026