एक दसवीं कक्षा के छात्रों की बोर्ड परीक्षा के परिणामों को परखने वाले OSM (ऑनलाइन स्कोरिंग मॉड्यूल) पोर्टल को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर जंगली चर्चा छा गई थी। दो जनवरी को 12वीं कक्षा के एक छात्र ने इस पोर्टल में सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करने का दावा किया, जिससे कई अभिभावक और शिक्षकों में घबड़ाहट फैल गई। छात्र का कहना था कि अगर इस पोर्टल में सुरक्षा छिद्र मौजूद हैं तो अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा अंक बदलकर लाभ उठाया जा सकता है। इस मामले को लेकर सीबीएसई ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया और कहा कि पोर्टल में कोई भी डेटा ब्रीच या सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ है। छात्र के दावे के बाद कई समाचार पोर्टलों ने इस मुद्दे को बड़े पैमाने पर कवर किया और कुछ ने तो हैकिंग के संभावित तरीके भी बताने की कोशिश की। लेकिन सीबीएसई ने सभी ग़लतफहमियों को दूर करने के लिये एक विस्तृत बयान जारी किया। बोर्ड ने कहा कि OSM पोर्टल को कई स्तरों पर एन्क्रिप्शन और फायरवॉल सुरक्षा प्रदान की गई है और इसपर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अनधिकृत पहुँच या डेटा लीक की कोई पुष्टि नहीं हुई है और यह सभी छात्रों के लिए समान रूप से कार्य कर रहा है। इस बीच, छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाने हेतु बोर्ड ने तत्काल एक स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट करवाने की घोषणा भी की है। वास्तव में, डिजिटल परीक्षा प्रणाली के साथ जुड़ी सुरक्षा समस्याएँ आज के समय में बहुत संवेदनशील मुद्दा बन चुकी हैं। कई बार हमें यह सुनने को मिलता है कि कुछ तकनीकी गड़बड़ियों के कारण छात्रों के अंक या उत्तर पत्रिकाएं प्रभावित हो जाती हैं। परंतु इस बार सीबीएसई ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी उत्तर पत्रिकाओं का स्कैनिंग प्रक्रिया सुरक्षित सर्वरों पर की गई और कोई भी छात्र का परिणाम अनधीकृत रूप से बदला नहीं गया। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि OSM पोर्टल की डिजाइनिंग में कई उच्चस्तरीय सुरक्षा उपाय अपनाए गये हैं, जिससे बाहरी हमले या डेटा चोरी के खतरे को न्यूनतम किया गया है। इस विवाद के बाद कई शिक्षाविद् और आईटी विशेषज्ञों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार रखे। कुछ ने कहा कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सुरक्षा एक निरंतर प्रक्रिया है और इसे समय-समय पर अद्यतन करना आवश्यक है। अन्य ने यह तर्क दिया कि यदि छात्र की शिकायत सिर्फ एक आकस्मिक त्रुटि या उपयोगकर्ता गलती के कारण हुई है, तो इसे बड़े स्तर पर उठाने की जरूरत नहीं है। निष्कर्षतः, सीबीएसई ने अपने OSM पोर्टल की सुरक्षा को लेकर सभी संदेहों को दूर कर दिया है और यह सिद्ध किया है कि उनका प्रणाली कड़ी सुरक्षा मानकों का पालन करती है। अब अभिभावक और छात्र भरोसा कर सकते हैं कि उनका शैक्षणिक डेटा सुरक्षित है और आगामी परीक्षाओं में भी ऐसा कोई मुद्दा दोहराया नहीं जायेगा।