देश के प्रमुख शिक्षा मंत्री, श्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में चार सार्वजनिक क्षेत्रीय बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर केंद्रीय बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के पेमेंट गेटवे सिस्टम में व्यापक बदलावों पर विचार-विमर्श किया। यह बैठक नई तकनीकी चुनौतियों और छात्रों व अभिभावकों द्वारा उठाए गए भुगतान संबंधी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। प्रधानमंत्री के शैक्षिक सुधार एजेंडा के तहत, डिजिटल भुगतान को सुगम बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिये इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे पूरे शैक्षिक माहौल में भरोसा और सुविधा दोनों का विकास हो सके। बैठक में प्रतिनिधित्व करने वाले बैंकों में सिटी यूनियन बैंक, भारतीय डाक बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया और एक्सिस बैंक के प्रमुख अधिकारी शामिल थे। इन बैंकों ने सीबीएसई के मौजूदा पेमेंट गेटवे की तकनीकी कमजोरियों, ट्रांजैक्शन फ़ेल्योर और रिफंड प्रक्रिया की धीमी गति को उजागर किया। साथ ही, छात्रों के लिखित परीक्षा के दौरान ओनलाइन सबमिशन पोर्टल (OSM) से जुड़ी कई समस्याओं को भी नोट किया गया, जिससे परीक्षा केन्द्रों में देरी और असुविधा उत्पन्न हुई। इस संदर्भ में, मंत्री प्रधान ने नई डिजिटल इवैल्यूएशन प्रणाली को विश्वसनीय बनाने के लिए नयी सुरक्षा मानकों, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण और रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली को अपनाने का प्रस्ताव रखा। उपाय के रूप में, सरकार ने तत्काल अंमलबजारी के लिये एक विस्तृत योजना तैयार की है। पहली पहल के तहत, सभी चार बैंकों को सीबीएसई के साथ एकीकृत एपीआई प्लेटफ़ॉर्म विकसित करने का कार्य सौंपा गया है, जिससे पेमेंट प्रक्रिया में गति और सटीकता दोनों बढ़ेगी। दूसरी, बैंकिंग डाटा के एन्क्रिप्शन को मजबूत करने और दो‑फैक्टर ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य बनाने की योजना है, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। तीसरी, रिफंड प्रक्रिया को 48 घंटे के भीतर पूरा करने के लिए विशेष टास्क फोर्स स्थापित किया गया है, जिससे अभिभावकों को अनावश्यक इंतजार से बचाया जा सकेगा। इन प्रयासों के साथ ही, सीबीएसई ने भी अपने मौजूदा डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम की समीक्षा शुरू कर ली है। आईआईटी मदरास ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मौजूदा ओएसएम पोर्टल पर व्यापक ऑडिट किया और संभावित खामियों की सूची तैयार की। इस ऑडिट के आधार पर, सिस्टम को अपडेट करने, सर्वर क्षमता बढ़ाने और यूज़र इंटरफ़ेस को आसान बनाने के कार्य जारी हैं। इस प्रकार की सहयोगी पहलकदमियों से शैक्षिक क्षेत्र में डिजिटल भरोसा स्थापित होगा और छात्रों को समय पर परीक्षा शुल्क का भुगतान करने में सहायता मिलेगी। निष्कर्षतः, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सार्वजनिक क्षेत्रीय बैंकों के बीच इस महत्वपूर्ण चर्चा से सीबीएसई के पेमेंट गेटवे में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनाकर, सरकार ने न केवल छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं का समाधान किया है, बल्कि भविष्य में शैक्षिक संस्थानों के डिजिटलकरण को भी मजबूती प्रदान की है। यह पहल शिक्षा के डिजिटल परिवर्तन को साकार करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।