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Breaking News: सीबीएसई पोर्टल में गड़बड़ी: क्लास 12 छात्रों को री‑इवैल्युएशन में आई अड़चन
🕒 1 week ago

सभी बोर्ड छात्र और उनके अभिभावक इस साल एक बड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने जो ऑनलाइन पोर्टल जारी किया है, उसमें कई तकनीकी गड़बड़ियों के कारण क्लास 12 के विद्यार्थियों को अपने उत्तर पत्रिकाओं की पुनर्मूल्यांकन (री‑इवैल्युएशन) की मांग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या ने पूरे देश में छात्रों, शिक्षकों और राजनीतिक दलों में गहरी चिंता और गुस्सा पैदा कर दिया है। पहले चरण में जब छात्र अपनी उत्तर पत्रिकाओं के स्कैन किए हुए फाइलें पोर्टल पर अपलोड करने लगे, तो कई बार फाइलें ठीक से लोड नहीं हुईं, या डाउनलोड करते समय वॉर्निंग मैसेज दिखा। कई विद्यार्थियों ने बताया कि उनका उत्तर पत्रिका वही नहीं मिल रहा था जो उन्होंने परीक्षा में लिखी थी, बल्कि किसी और छात्र की स्कैन की हुई फाइल दिखा रही थी। परिणामस्वरूप, छात्र री‑इवैल्युएशन की प्रक्रिया शुरू ही नहीं कर पाए। इस तकनीकी त्रुटि के कारण कई छात्रों ने अपने अंक सुधारने के आशा को खो दिया, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। इन घटनाओं को लेकर राजनीति पृष्ठभूमि पर भी सवाल उठे। कांग्रेस ने सीबीएसई की इस विफलता की तीखी निंदा की, और कहा कि "मनत्री प्रधान" को इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी गड़बड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, कुछ नेताओं ने इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की आलोचना की, और बोर्ड को शीघ्रता से समाधान निकालने का आग्रह किया। सीबीएसई ने भी इस समस्या को स्वीकार किया और कहा कि पोर्टल में आई तकनीकी त्रुटियों को जल्द से जल्द सुधारा जाएगा। बोर्ड ने बताया कि भौतिकी और रसायन विज्ञान की उत्तर पत्रिकाओं में भी मिश्रण की समस्या पाई गई है, और वे पुनर्मूल्यांकन के लिए एक नया सत्र आयोजित करेंगे। इस दौरान, छात्रों से अनुरोध है कि वे अपने उत्तर पत्रिकाओं की मूल फाइलें सुरक्षित रखें और आवश्यक दस्तावेज़ बोर्ड को जल्द से जल्द प्रदान करें। निष्कर्षतः, सीबीएसई पोर्टल में आई गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य पर प्रभाव डाला है। तकनीकी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ, बोर्ड को पारदर्शी और सुगम री‑इवैल्युएशन प्रक्रिया सुनिश्चित करनी होगी, ताकि छात्रों को उनका उचित अंक मिल सके और शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल हो सके। यह स्थिति सभी हितधारकों के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करेगी कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को लागू करते समय उचित परीक्षण और निगरानी आवश्यक है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 26 May 2026