अमेरिका के विदेश सचिव मारको रूबियो ने हाल ही में भारत की धरती पर अपना दौरा किया और कोलकाता के सेंट टेरेसा मिशनरीज ऑफ़ चारिटी के मदर हाउस का दौरा किया। यह यात्रा अमेरिकी-भारतीय रिश्तों को गहरा करने, ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने और दक्षिण एशिया में रणनीतिक भागीदारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। कोलकाता पहुँचते ही रूबियो का स्वागत भारतीय राजनैतिक दिग्गजों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ता समूहों ने किया, जिसमें उन्होंने सेंट टेरेसा के अनुयायियों के साथ व्यक्तिगत बातचीत की और उन्होंने इस संस्था के मानवतावादी कार्यों को सराहा। रूबियो ने मुलाकात के दौरान बताया कि भारत का विकास मॉडल और उसकी सामाजिक नीतियों से कई देशों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सेंट टेरेसा मिशनरीज की सेवा में समर्पित महिला स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया और कहा कि इस तरह के मानवीय संस्थानों का समर्थन अमेरिका के विदेश नीति के मूल सिद्धांतों में शामिल है। इस मुलाकात में रूबियो ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए, जिनमें भारत के ऊर्जा क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश को बढ़ावा देना, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सहयोग करना शामिल था। मुख्य दूतावास के प्रवक्ता ने बताया कि रूबियो का कोलकाता दौरा भारत-यूएस संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करेगा। इस दौरे में उन्हें आने वाले महीने में नई ऊर्जा परियोजनाओं, विशेषकर सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग करने का प्रस्ताव मिला। साथ ही, रूबियो ने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के भारत दौरे के बारे में भी जानकारी साझा की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अमेरिकी-कूटनीति में कई स्तरों पर समन्वय हो रहा है। इस दौरान उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करने के लिए तैयारियों का संकेत दिया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करना है। कोलकाता में सेंट टेरेसा मिशनरीज के मदर हाउस की यात्रा के बाद रूबियो ने स्थानीय मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि सेंट टेरेसा के आदर्श—समानता, दया और सेवा—आज की दुनिया में अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने इस संस्थान द्वारा संचालित अभ्यर्थी स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और विस्तारित आपदा राहत कार्यों को सराहा। रूबियो ने कहा कि अमेरिका इस तरह के मानवीय कामों को वित्तीय सहयोग और तकनीकी समर्थन के माध्यम से आगे बढ़ाने में हमेशा तैयार रहेगा। रूबियो की इस यात्रा का निष्कर्ष यह निकालता है कि दो महान लोकतांत्रिक देशों के बीच समझ और सहयोग का मार्ग हमेशा खुला रहेगा। कोलकाता में सेंट टेरेसा के अनुयायियों के साथ हुई यह भावुक मुलाकात न केवल मानवीय सेवा के महत्व को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि राजनैतिक नेतृत्व सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए किस प्रकार की भूमिका निभा सकता है। इस दौरे से यह स्पष्ट है कि भविष्य में ऊर्जा, व्यापार और मानवीय क्षेत्रों में अमेरिकी-भारतीय साझेदारी नए आयामों तक पहुँच सकती है, जिससे दोनों राष्ट्रों के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।