भारत के राजनीतिक परिदृश्य में "कोकोरॉच जनता पार्टी" (CCJP) कई महीनों से चर्चा का विषय बन कर उभरी है। इस नई पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उसके नेता, विशेषकर राष्ट्रीय युवाओं की मोर्चा (BJYM) के सचिव ताजिंदर बाघा, ने अक्सर बात करने वाले मुद्दों में से एक है उनके अनुयायियों की राष्ट्रीयता को लेकर उठाए जाने वाले भ्रामक दावे। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक व्यापक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें कहा गया कि "कोकोरॉच जनता पार्टी के अधिकांश समर्थकों का मूल पाकिस्तानी है"। इस बहाने पर बाघा और कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने तुरंत टिप्पणी की, जिससे इस अफवाह पर एक नया वाद-विवाद शुरू हो गया। इस विवाद की जड़ें इस तथ्य में हैं कि कई युवा वर्ग के सदस्य, जो असंतोष और मौजूदा राजनीति से नाखुश हैं, उन्होंने इस नई पार्टी को एक विकल्प के रूप में देखा। उनकी निराशा को अक्सर बाहरी कारकों से जोड़ने की प्रवृत्ति रहती है, और इस कारण से विरोधी पार्टी और सोशल मीडिया के कुछ खंडों ने इस बात का लूट लेना आसान समझा। वास्तविक तथ्यों के विपरीत, कोई आधिकारिक दस्तावेज़ या भरोसेमंद सर्वेक्षण इस बात की पुष्टि नहीं करता कि पार्टी के सदस्य आधे से अधिक पाकिस्तानियों के हों। यह भी ज्ञात है कि भारत- पाकिस्तान के बीच के तनाव के समय में अनदेखी या अपमानजनक संवाद अक्सर राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किए जाते हैं। वास्तव में, कोकोरॉच जनता पार्टी ने अपने संस्थापक और प्रमुख नेताओं द्वारा कई बार बताया है कि उनका उद्देश्य अंतर्जात निराशा और असमानताओं को हटाकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर भारत बनाना है। उनके द्वारा आयोजित रैलियों और बैठकों में भाग लेने वाले अधिकांश लोग भारतीय नागरिक हैं, जो विभिन्न जातियों, धर्मों और प्रदेशों से आते हैं। इसके अलावा, पार्टी के आधिकारिक बयानों में कभी भी विदेशी समर्थन या आपूर्ति का उल्लेख नहीं किया गया है। इस तथ्य की पुष्टि कई स्वतंत्र समाचार स्रोतों ने भी की है, जिनमें असली तथ्य-परक जाँच करने वाली एजेंसियों ने यह सिद्ध किया कि यह आरोप पूरी तरह से काल्पनिक है। पार्टियों के बीच इस तरह के भ्रामक दावों को फिर से उजागर करने के लिए सिविल सोसाइटी और जांच संस्थाओं की जरूरत है। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज को फैलाने वाले कुछ समूहों ने इस झूठे अफवाह को बढ़ावा दिया, जिससे पार्टी के संस्थापकों को सुरक्षा संबंधी चिंता भी हुई, जैसा कि "द टाइम्स ऑफ़ इंडिया" ने बताया कि अभिजीत दीपके को व्हाट्सएप पर मौत के खतरे मिले। इस प्रकार की भ्रामक जानकारी न केवल लोकतांत्रिक बहस को बिगाड़ती है, बल्कि व्यक्तिगत सुरक्षा को भी खतरे में डालती है। निष्कर्षतः, कोकोरॉच जनता पार्टी के अनुयायियों को पाकिस्तानी बताने वाले झूठे दावे मात्र एक रणनीतिक छलावे की तरह हैं, जिसका उद्देश्य पार्टी की छवि को धूमिल करना और उसके समर्थन को कमजोर करना है। वास्तविकता यह है कि यह एक भारत में उत्पन्न नए विचारों की आवाज़ है, जो विविध भारत के युवाओं को संगठित करने का प्रयास कर रही है। इस प्रकार की भ्रामक अफवाहों से बचने और सच्ची जानकारी पर आधारित सोच विकसित करने के लिए नागरिकों को विश्वसनीय स्रोतों से जुड़ना अति आवश्यक है।