📰 Kotputli News
Breaking News: NEET री‑इग्जाम का दायरा 30 दिन में, एनटीए ने लागू किया 'ज़ीरो ट्रस्ट' सुरक्षा मॉडल
🕒 1 hour ago

राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NEET) की पुनःप्रयोग शृंखला को मात्र तिहाई महीने में पूर्ण करना, भारतीय छात्रों और शिक्षा मंत्रालय दोनों के लिये एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है। 21 जून को निर्धारित इस री‑इग्जाम को बिना किसी त्रुटि के आयोजित करने के लिये राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अपने संचालन में पूर्णतया नया सुरक्षा सिद्धान्त अपनाया है, जिसे 'ज़ीरो ट्रस्ट' कहा जाता है। इस नीति के तहत हर चरण, हर डेटा और हर उपयोगकर्ता को संदेह के साथ देखा जाता है, जिससे कोई भी अनधिकृत प्रवेश या जानकारी का रिसाव होने की संभावना समाप्त हो जाती है। एनटीए ने बताया कि री‑NEET की तैयारी में प्रारम्भिक चरण से ही केंद्रीय और राज्य स्तर पर व्यापक समन्वय स्थापित किया गया है। परीक्षा केंद्रों की चयन प्रक्रिया में नई मानकनियां अपनाई गईं, जिसमें स्थल की सुरक्षा, इंटरनेट कनेक्शन की निगरानी और प्रोटोकॉल के कठोर अनुपालन को अनिवार्य किया गया। साथ ही, मेगा‑डेटा सेंटरों, क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म और सोशल मीडिया के सहयोग से संभावित लीक को रोकने हेतु पूरी तैनाती की गई है। इसके तहत Meta, Google और Telegram जैसी प्रमुख डिजिटल कंपनियों को तकनीकी समर्थन और सूचना निगरानी के लिये नियुक्त किया गया, जिससे परीक्षा से जुड़ी कोई भी अनधिकृत सामग्री इंटरनेट पर प्रसारित न हो सके। इस योजना को सफल बनाने के लिये एनटीए ने कई नई तकनीकों को अपनाया है। मोबाइल डिवाइस पर आधारित पहचान परिक्षा, दो‑स्तरीय बायोमैट्रिक वैरिफिकेशन और एन्क्रिप्टेड डेटा ट्रांसमिशन सिस्टम को सभी परीक्षा केंद्रों पर लागू किया गया। साथ ही, सभी अभ्यर्थियों को एक ही समय पर परीक्षात्मक पोर्टल तक पहुँचने के लिये सीमित समयावधि निर्धारित की गई, जिससे सर्वर पर अचानक भार नहीं बढ़े और सिस्टम सुचारु रूप से कार्य करे। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं की त्वरित जाँच, तथा कटऑफ़ परिणामों को 100 प्रतिशत त्रुटिरहित बनाने के लिये विशेष निगरानी दल तैनात किया गया। शिक्षा मंत्री ने इस प्रयास को देश की शैक्षिक स्थिरता और युवा प्रतिभा की भविष्य सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस री‑इग्जाम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनका अधिकार प्राप्त करना और असमानताओं को दूर करना है, और इसके लिये सभी तकनीकी बाधाओं को दूर करना अनिवार्य है। सरकारी स्रोतों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या डेटा लीक होने की स्थिति में तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में एनटीए की विस्तृत निगरानी और सहयोगी एजेंसियों की सक्रिय भूमिका यह निर्धारित करेगी कि 30 दिनों की इस कठिन समयसीमा में NEET री‑इग्जाम कितनी सफलतापूर्वक संपन्न हो पाती है। यदि सफल रहा तो यह भारत में बड़े पैमाने पर आयोजित परीक्षाओं के लिये एक नया मानक स्थापित कर सकता है, जिससे भविष्य में भी ऐसी महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षाओं को तेज़ी और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जा सके।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 22 May 2026