दिल्ली के शरदपूर हवाई अड्डे की टर्मिनल-3 पर दोपहर के समय एक अद्भुत घटना घटी। एयर इंडिया की एक घरेलू फ्लाइट, जो दिल्ली से बेंगलुरु के लिए निर्धारित थी, लैंडिंग के ठीक पहले इंजिन में आग लगने की सूचना मिलने पर तुरंत आपातकालीन उपाय लागू किए। पायलटों ने संयमपूर्वक सभी प्रक्रियाओं का पालन किया, जिससे विमान न केवल किसी भी हताहत के बिना सुरक्षित रूप से लैंड किया, बल्कि यात्रियों को भी घबराहट या चोटों से बचाया गया। इंजिन में लपटें दिखने के बाद, कॉकपत्नी ने तुरंत एटीसी को अलर्ट किया और एटीसी ने लैंडिंग के लिए आवासीय रनवे का चयन किया। एंटी‑फ़ायर टीम ने विमान के नीचे रहकर इंजन को निपटाने के लिए तेज़ी से फायर-इंटर्स्टिशन उपकरण लगाए। जबकि विमान का टैकलिंग सिस्टम पूरी तरह कार्यशील था, एंटी‑फ़ायर दल ने लपटों को नियंत्रित कर शेष चरण में विमान को सामान्य गति से लैंड करवा दिया। लैंडिंग के बाद, सभी पंक्चर वायुयान को तत्काल जाँच के लिए टर्मिनल‑3 के रखरखाव क्षेत्र में ले जाया गया। इस घटना के दौरान, फ्लाइट पर सवार 168 यात्रियों और 7 क्रू मेंबर्स को परिस्थितियों के अनुसार सीटबेल्ट बाँध कर रखने को कहा गया। पायलट ने यात्रियों को सतर्क रहने और पैनिक न करने की सलाह दी। एयरलाइन ने तुरंत सभी लोगों को हवाई अड्डे के लाउंज में सुरक्षित रूप से एस्केरेट किया और वैकल्पिक उड़ान व्यवस्था का प्रबंध किया। पुलिस और अस्पताल सेवाओं को भी तंत्र में रखा गया, परंतु कोई भी गंभीर चोटें या मृत्यु नहीं हुई। विमान अधिकारियों ने बाद में कहा कि इंजन में छोटी सी तकनीकी खराबी और ईंधन की असामान्य प्रतिक्रिया के कारण आग लगने की संभावना बनी। ऐसी स्थितियों में त्वरित और संक्षिप्त निर्णय लेने की क्षमता पायलटों की प्रशिक्षण प्रक्रिया का मुख्य भाग है। इस मामले में सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया, जिससे दुर्घटना के खतरे को न्यूनतम किया गया। अंत में, एयर इंडिया ने इस घटना के बारे में सार्वजनिक बयान जारी करते हुए कहा कि सभी उपाय उचित रूप से किए गये और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस घटना ने दर्शाया कि आधुनिक एवीएशन तकनीक और प्रशिक्षित कर्मी मिलकर आपात स्थितियों को सटीकता से संभाल सकते हैं। यात्रियों ने इस साहसिक लैंडिंग की सराहना की और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एयरलाइन को भरोसा जताया। इस प्रकार, एक संभावित आपदा को सफलतापूर्वक टाला गया, और दिल्ली हवाई अड्डे को एक और बार सुरक्षा की मिसाल के रूप में स्थापित किया गया।