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Breaking News: देहरादून में थर्मल अलर्ट: दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट, नोएड़ा‑गाज़ियाबाद में "लो से भी बदतर" चेतावनी, गरमी की मार से सबको सतर्क
🕒 42 minutes ago

गर्मियों की चिटगारी ने इस सप्ताह भारत की राजधानी और उसके निकटवर्ती शहरों को अपनी ज्वाला में घेर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि नोएड़ा और गाज़ियाबाद में "लो से भी बदतर" चेतावनी (Red Alert) लगाई गई है। यह चेतावनी उन क्षेत्रों में दी गई है जहाँ सतह तापमान 45 °C से ऊपर पहुँच रहा है और शाम‑शाम को भी तापमान 30 °C के करीब बना रहता है। पूरे उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लगातार पाँच दिनों तक तीव्र गर्मी की भविष्यवाणी की गई है, जिससे जल कमी, स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ और ऊर्जा की मांग में अचानक बढ़ोतरी की संभावना है। आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने मई के इस महीने में 14 साल में सबसे गर्म रात दर्ज की है, जहाँ न्यूनतम तापमान 30 °C से नीचे नहीं गिर पाया। इस तापमान को "औसत रात के तापमान से 5 °C अधिक" बताया गया है। उत्तरी क्षेत्रों में उच्च स्तर की धूप और कम नमी के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है, जिससे हाइपरथेर्मिया, डिहाइड्रेशन और सर्दी‑जुकाम जैसी बीमारियों की संभावनाएं बढ़ गई हैं। साथ ही, ऊर्जा विभाग ने बताया कि इस तरह के उच्च तापमान में एयर कंडिशनर और रेफ्रिजरेशन उपकरणों की मांग में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने जनता को कई मौखिक और लिखित सुझाव जारी किए हैं। सबसे पहले, दिन के सर्वाधिक गर्म समय (दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक) में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो हल्के, ढीले कपड़े पहनें, और सिर पर टोपी या हैट डालकर धूप से बचें। पानी की पर्याप्त मात्रा पर्याप्त मात्रा में पीना आवश्यक बताया गया है, जबकि अल्कोहलिक पेय और कैफीन का सेवन सीमित करना चाहिए। वृद्ध, बच्चें और रोगग्रस्त लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए और आवश्यकतानुसार घर में ठंडा रहने की व्यवस्था करनी चाहिए। प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विभाग ने केन्द्रीकृत जलस्तर निगरानी प्रणाली को सक्रिय कर दिया है, ताकि जल आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा का तुरंत समाधान किया जा सके। साथ ही, शहर की कई जगहों पर सार्वजनिक ठंडे पानी के स्टॉल स्थापित किए जा रहे हैं, जहां से नागरिक मुफ्त में पानी ले सकते हैं। मेडिकल एम्ब्युलेंस और प्रथम उपचार केंद्रों को भी गर्मी से जुड़े रोगों के इलाज के लिए विशिष्ट मशीनरी और दवाओं से लैस किया गया है। इन सभी उपायों के बावजूद, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मौसमी बदलाव और ग्रीष्मकालीन लहरें जारी रहीं, तो जनजीवन पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। इसलिए, नागरिकों को न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा पर बल्कि सामुदायिक सहयोग पर भी ध्यान देना होगा। सरकार की यह अपील है कि स्थानीय निकायों, स्कूलों और कार्यस्थलों में गर्मी से जुड़ी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएँ, ताकि हर वर्ग के लोग इस तीव्र गर्मी की मार से बच सकें और अपने स्वास्थ्य का पूर्ण ध्यान रख सकें।

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✍️ By Pradeep Yadav | 21 May 2026