रात्रि में मध्य प्रदेश के रात्लाम जिलिएँ के समीप चल रहे राजधानी एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे ट्रेन के भीतर पैनिक का माहौल बन गया। तुरंत ही रेल सुरक्षा बल, इंजीनियर और स्थानीय आपातकालीन सेवाओं ने मिलकर कार्रवाई की और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से निकालने के लिए तेज़ी से कदम उठाए। ट्रेन के दो कोच में आग लगी थी, लेकिन राफ़ (रेलवे सुरक्षा बल) की त्वरित प्रतिक्रिया और चालक दल के सहयोग से कोई भी यात्री घायल नहीं हो सका। पूरी घटना में लगभग साठ से सत्तर यात्रियों को निकाला गया और उन्हें सुबह के समय तक नजदीकी अस्पतालों में प्राथमिक उपचार दिया गया। आग के कारण कोच में धुएं का भराव हो गया था, जिससे यात्रियों ने अपनी सीट से उठकर बाहर निकलना शुरू किया। राफ़ के जमीनी दल ने सुरक्षा कवच स्थापित किया और एम्बुलेंसों को मौके पर तैनात किया। ट्रेन चालक ने तुरंत टर्रैन सिग्नल भेजा, जिससे आगे की रूकावट रोकी गई और अग्निशामक दल को सुलभता मिली। अग्निशामक दल ने उच्च दबाव वाले पानी के साथ धूम्रपान को घेरते हुए आग को समाप्त किया, जबकि रेलवे टीम ने कोच को हटाने के लिए वैक्यूम पॉम्प का इस्तेमाल किया। इस दौरान रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन और आवास की व्यवस्था की ताकि उनके सफ़र में न्यूनतम बाधा उत्पन्न हो सके। रात्लाम में इस बड़े हादसे की सूचना राज्य सरकार तक पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की जांच का आदेश दिया और रेल मंत्रालय को तत्परता से कार्रवाई करने के लिए कहा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस बीच, सड़कों पर भी भारी ट्रैफ़िक की समस्या उत्पन्न हुई, जिससे कुछ यात्रियों को ट्रेन की देर से पहुँच के कारण अपनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ा। लेकिन रेल सुरक्षा दल की तत्परता ने बड़े नुकसान को रोका और यात्रियों के जीवन को बचाया। अंत में, यह घटना रेलवे सुरक्षा की महत्वता को एक बार फिर स्पष्ट करती है। तत्काल प्रतिक्रिया, उचित आपातकालीन योजना और प्रशिक्षित कर्मियों की तत्परता ने इस आपदा को बड़े पैमाने पर नुकसान में बदलने से रोक दिया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोचों की नियमित जाँच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों को अद्यतन रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यात्रियों को भी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और आपातकालीन स्थितियों में शांत रहने की सलाह दी गई है।