रात के करीब दस बजे, मध्य प्रदेश के रत्लाम जिले के निकट थिरुवनंतपुरम‑हजरत निज़ामुद्दीन राजधानी एक्सpress में एक अचानक आग का प्रकोप हो गया। आधी रात के समय अचानक घुड़सोड़ की आवाज के साथ एक कार में धुआँ उठना शुरू हुआ, जिससे पटरियों के पास मौजूद यात्रियों में हलचल छा गई। एपीजी पावर्ड रैलवे फायर ब्रिगेड को तुरंत खबर मिलने पर त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया। ट्रेन के कई डिब्बों में धुएँ की भरमार थी, लेकिन सौभाग्य से कोई भी डिब्बा पूरी तरह जल नहीं सका, जिससे बड़ी जान-माल की हानि होने से बचा। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तुरंत क्षेत्र को घेर लिया और ट्रेन को दोनों ओर से रोक कर डिब्बों को क्रमबद्ध रूप से खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की। रेल कर्मचारियों और स्थानीय जुलूसियों की मदद से कुल 68 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया। सभी यात्रियों को घर-परिवार के संपर्क हेतु एलईडी स्क्रीन पर सूचनाएँ दी गईं और अग्निशामकों ने आग को नियंत्रित करने के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल सिस्टम में हुई संभावित शॉर्ट सर्किट को भी ठीक कर दिया। इस दौरान कोई भी जख्मी नहीं हुआ, जिससे यह घटना एक चमत्कार बन कर उभरी। आग के कारण हुए नुक़सान की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, एक कोच में बड़ी धूमिलता बनी रही, लेकिन बदले में दो कोच में हल्की जलन का पता चला। रेलवे के अधिकारी इस बात का फिकरजत कर रहे हैं कि आग का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, परंतु प्रारम्भिक जाँच में इलेक्ट्रिकल खराबी या लाइटिंग सिस्टम में किसी प्रकार की गड़बड़ी को संभावित कारण माना जा रहा है। संबंधित विभागों ने बताया कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रेन के सभी विशेष कोचों में रियल‑टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। रात के इस आकस्मिक प्रकोप ने यात्रियों में बड़ी हलचल मचा दी, परन्तु तेज़ी से उठाए गए कदमों ने कइयों की जान बचाई। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि रेलवे सुरक्षा बल, अग्निशामक दल और स्थानीय लोगों की त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है। अंत में रेलवे अधिकारी ने कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्घटना को टालने के लिये ट्रेन की सभी प्रणालियों की नियमित जाँच कराई जाएगी और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिये अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।