आज के भावनात्मक भारत में विदेश यात्रा को लेकर सरकार द्वारा किन्ही प्रतिबंधों या अतिरिक्त करों की आवाज़ उठी है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "एक भी सत्य नहीं" कहकर कड़ा विरोध किया। यह बयान विभिन्न प्रमुख भारतीय साक्षर माध्यमों ने अलग-अलग शीर्षकों के साथ प्रकाशित किया, पर सभी में यह बात स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री ने इस खबर को पूरी तरह झूठी बताया है। परिचय में यह कहा गया कि कुछ रिपोर्टों ने दावा किया था कि विदेश यात्रा पर नया कर लगाकर या कर में संशोधन करके नागरिकों के विदेश में निकलने की संभावना को सीमित किया जाएगा। ऐसी खबरें सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन पोर्टलों पर तेजी से फैली, जिससे जनता में भ्रम और चिंता उत्पन्न हुई। इस पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "संपूर्ण रूप से असत्य" करार दिया और कहा कि सरकार ने ऐसे किसी भी कदम को नहीं अपनाया है। मुख्य जानकारी के मुताबिक, विदेश यात्रा पर कर लगाकर रोकथाम की बात कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियमन की कोशिशों को लेकर उठी थी, पर भारत में ऐसी कोई नई पहल नहीं है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "ऐसी कोई नीति नहीं है और न ही ऐसी कोई चर्चा चल रही है।" उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय नागरिकों को विदेश जाने की पूरी आज़ादी है और किसी भी प्रकार के कर या प्रतिबंध केवल अफवाहों पर आधारित हैं। इस प्रकार उनके इस बयान ने इस मुद्दे को शांति प्रदान की और जनता को आश्वस्त किया कि उनकी यात्रा की स्वतंत्रता पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। निष्कर्ष के तौर पर, इस विवाद ने यह सिद्ध किया कि अफवाहों और निराधार रिपोर्टों को तेज़ी से प्रसारित करने से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सरकार की पारदर्शिता और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर बल दिया। अब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज़ या विधेयक नहीं आया है जो विदेश यात्रा पर अतिरिक्त कर या प्रतिबंध का समर्थन करता हो। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि इस मुद्दे को लेकर कोई वास्तविक नीति नहीं बनाई गई है और यह केवल निराधार अनुमान था।