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Breaking News: केरल कांग्रेस में फूट को रोकना: सतहेसन, वेनुगोपाल और चेन्नीथला का संयुक्त अपील
🕒 1 hour ago

केरल की कांग्रेस पार्टी आज एक कठोर मोड़ पर खड़ी है। हाल ही में पार्टी के तीन प्रमुख नेताओं, एन.जी. सतहेसन, डॉ. विकास वेनुगोपाल और वी. के. चेन्नीथला ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस की एकता को पुनर्स्थापित करने का आग्रह किया है। यह अपील इस तथ्य के सामने आती है कि कई महीने पहले शुरू हुई सीएम चयन प्रक्रिया में अজमा अनिर्णय और धूमिलता ने पार्टी को आंतरिक संघर्ष की कगार पर पहुँचा दिया था। इस अपील में तीनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस को अपनी शक्ति को पुनर्जीवित करने के लिए पहले एकजुट होना पड़ेगा, नहीं तो चुनावी मैदान में पार्टी का भविष्य अंधकार में डूब सकता है। केरल कांग्रेस में सीएम निर्धारण को लेकर चल रही असहजता के पीछे कई प्रमुख वजहें हैं। सबसे पहले, पार्टी के भीतर दो मुख्य धड़े - एक जेआर श्यामलहर की पीढ़ी पर आधारित, और दूसरा अनुभवी कार्यकर्ताओं का समूह - दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को प्रमुखता दिलाने की कोशिश की। इस कारण से तीन घंटे की मीटिंग के बाद भी कोई समझौता नहीं निकल सका, जैसा कि "द हिंदू" और "इंडिया टुडे" जैसी विश्वसनीय स्रोतों ने रिपोर्ट किया। इसके अतिरिक्त, सोनिया गांधी की हस्तक्षेप की संभावना भी चर्चा में रही, क्योंकि अंतिम निर्णय उनके हाथ में माना जा रहा है। इस स्थिति में सतहेसन, वेनुगोपाल और चेन्नीथला की एकजुटता की अपील पार्टी के शीर्ष स्तर पर एक नया संवाद स्थापित करने का प्रयत्न है, जिससे मतभेदों को सुलझाया जा सके। वास्तविकता यह है कि केरल में कांग्रेस का हाईफ़ेन होना वाकई एक बड़ी समस्या बन चुका है। कई विश्लेषकों ने कहा है कि जारी चुनावी प्रक्रिया में केरल कांग्रेस को अपनी सामरिक पहचान खोने का डर है। "टेलीग्राफ इंडिया" ने बताया कि राहुल गांधी ने भी इस पर सवाल उठाकर पार्टी की आंतरिक टकराव को उजागर किया, जबकि "द टाइम्स ऑफ इंडिया" ने इस बात पर बल दिया कि परिणामस्वरूप एक स्पष्ट सीएम उभर कर आया था परंतु कांग्रेस अभी भी अपनी असहमति को समाप्त नहीं कर पाई है। इस प्रकार की अनिश्चित स्थिति में पार्टी के कार्यकर्ता और जनता दोनों ही असंतोष व्यक्त कर रहे हैं, जिससे आगामी चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर गंभीर शंकाएँ उत्पन्न हो रही हैं। इन सबके बीच, सतहेसन, वेनुगोपाल और चेन्नीथला का संदेश स्पष्ट है: "साथ मिलकर ही हम कांग्रेस को पुनः स्थापित कर सकते हैं"। उन्होंने सभी प्रवेशकों को एकजुट होकर नीति-निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया और कहा कि केवल एकजुट मंच ही पार्टी को दोबारा सत्ता में लाएगा। इस अपील ने कुछ अभ्यासी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया है, परन्तु पूरी पार्टी को इस दिशा में काम करने के लिए नेतृत्व की सख्त आवश्यकता है। अंततः, केरल कांग्रेस के भविष्य का निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या ये नेता अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं को पीछे रखकर सम्पूर्ण पार्टी के हित में काम कर पाएंगे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 10 May 2026