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Breaking News: तमिलनाडु में सरकार बनना: सेम्मलाइ के बाद एआईएडीएमके के सांसद थम्बी दराई ने भी कहा, पालनीस्वामी फिर सत्ता में लौटेंगे
🕒 1 hour ago

तमिलनाडु की राजनीति आज एक नई दुविधा में फँसी हुई है। कड़ी प्रतिस्पर्धा और गठबंधन की अटकलों के बीच, एआईएडीएमके के वरिष्ठ सांसद थम्बी दराई ने हाल ही में यह स्पष्ट कर दिया कि उनके अनुसार डॉ. जी. को. पालनीस्वामी का पुनः सत्ता में आना अनिवार्य है। यह बात उन्होंने एक इंटरव्यू में कही, जहाँ उन्होंने कहा कि "सुधरती राजनीतिक स्थिति, गठबंधन के संभावित विकल्प और जनता की इच्छा सभी मिलकर पालनीस्वामी को फिर से मुख्यमंत्री पद पर देखने की संभावनाओं को बढ़ा रहे हैं"। दराई की यह टिप्पणी सेम्मलाइ (सेम्मलै) के बाद एआईएडीएमके की ओर से एक और स्पष्ट संकेत देती है, कि पार्टी के भीतर पालनीस्वामी के समर्थन की ताकत अभी भी बरकरार है। दराई की टिप्पड़ी के साथ ही तमिलनाडु कांग्रेस के कई सांसद भी हैदराबाद में कैंप लगाकर अनिश्चितता को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के एंट्री-फॉर्म के अनुसार, वे गठबंधन बनाने के विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिससे आगामी चुनावों में सत्ता का संतुलन बदला जा सके। इस बीच टीमें, छोटे-मोटे गठजोड़ और स्थानीय नेता भी अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि इस राज्य में सत्ता का परिदृश्य अभी भी बहुत हद तक अनिश्चित है। डॉ. पालनीस्वामी के पुनः सत्ता में आने की संभावनाओं को लेकर कई अटकलें लग रही हैं, जबकि विपक्षी दल भी अपनी रणनीतिक कड़ी बनाने में व्यस्त हैं। वी. शाह के मद्देन पराक्रम को देखते हुए, कई विश्लेषकों ने कहा है कि एआईएडीएमके के भीतर समन्वय और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की संभावना अभी भी बनी हुई है। इस बीच, एआईएडीएमके के भीतर एक बार फिर से चर्चा चल रही है कि क्या पालनीस्वामी की वापसी के बाद पार्टी को फिर से मजबूत किया जा सकेगा या फिर नए गठजोड़ के माध्यम से सत्ता में आना अधिक सम्भव होगा। तमिलनाडु की आगामी सरकार निर्माण प्रक्रिया में इस बात का भी संकेत मिला है कि एआईएडीएमके ने अपने सभी प्रमुख नेताओं को एकजुट करने की कोशिश की है, जबकि विपक्षी दलों ने भी नए गठजोड़ के लिए दरवाज़ा खुला रखा है। इस बीच, कई राजनैतिक विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि पालनीस्वामी फिर से सत्ता में आते हैं, तो यह न केवल एआईएडीएमके के लिए बल्कि पूरे दक्षिणी भारत की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। संक्षेप में कहा जाए तो, तमिलनाडु में सरकार बनाने की लड़ाई अभी भी कई मोड़ पर टिका है। सेम्मलाइ के बाद थम्बी दराई की बात, कांग्रेस के हैदराबाद में कैंप, और कई दलों की गठबंधन की संभावनाएं इस राजनीतिक जटिलता को और भी गहरा बना रही हैं। आगे के विकास को देखते हुए यह स्पष्ट हो गया है कि तमिलनाडु की राजनीति में यह दौर एक नई दिशा ले सकता है, और इस समय सभी धड़कों पर नजर रखी जा रही है कि कौन सी रणनीति और गठबंधन अंततः सत्ता में आएगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 09 May 2026