राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर हलचल छा गई है, जब टामिलनाडु में नई सरकार बनाते समय डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव अलायंस (डीपीए) की प्रमुख दलों ने अपने-अपने दावों को स्पष्ट किया। चुनाव परिणाम के बाद, ऐडवांस्ड एग्रीमेंट के तहत एपेटी वी.जी. और थिवाकर कुजवोगी (टीवीके) को मुख्य भूमिका में रख कर गठबंधन की दिशा तय हुई। वीजी ने अपने पहले ही राजनीतिक परीक्षण में 118 अंक से उत्तीर्ण होकर यह सिद्ध किया कि वह इस राज्य में सत्ता की कुर्सी पाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बीच, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी अपने-अपने दावों को दृढ़ता से रखा, जिससे टामिलनाडु की राजनीति में नए मोड़ आए हैं। कुल 234 विधानसभा सीटों में से डीपीए को 150 से अधिक सीटें मिलना एक बड़ी जीत रही, और इस जीत को संतुलित करने के लिये गठबंधन ने एक विस्तृत बंटवारे की योजना बनायी। इस योजना के अनुसार, वीजी को मुख्य और सबसे महत्वपूर्ण पोष्ट, यानी मुख्यमंत्री पद प्रदान किया गया, जबकि टीवीके ने प्रथम बार एक प्रमुख मंत्रालय प्राप्त किया। विभिन्न समाचार स्रोतों के अनुसार, टीवीके को केवल एक ही मंत्रालय नहीं बल्कि दो मंत्रालयों की वादे भी मिले हैं, जिससे उनका राजनीतिक वजन बढ़ा है। इसके अतिरिक्त, वी.सी.के को भी एक मंत्रालय मिलने का अनुमान है, जबकि बाएँ दलें दो मंत्रालयों के हकदार रहने का दावा कर रही हैं। इस नई बंटवारे की घोषणा के बाद, टामिलनाडु के राज्यपाल को नई सरकार बनाते समय तुरंत कदम उठाने का आह्वान किया गया। डॉ. एम.के. स्टालिन, डिपीएलए पार्टी के प्रधान, ने राज्यपाल से कहा कि वह नई गठबंधन को तुरंत सशक्त बनाने के लिये सभी औपचारिकताएँ पूरी करें। इन विकासों के बीच, कांग्रेस ने भी इस प्रक्रिया में अपनी असंतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि टीवीके को सरकार बनाते समय आमंत्रित नहीं किया गया, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। कांग्रेस ने कई बार राज्यपाल से अपील की कि वह टीवीके को भी इस गठबंधन में शामिल करके समान अवसर प्रदान करें। इस मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें कई सांसद और जन प्रतिनिधि शामिल हुए। इन विरोधों के बावजूद, डीपीए की रणनीति स्पष्ट दिखाई देती है: गठबंधन को स्थिर बनाना और सरकार के सभी प्रमुख विभागों में संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना। अंत में यह कहा जा सकता है कि टामिलनाडु की राजनीति अब एक नई दिशा में कदम रख रही है। वीजी की 118 अंक वाली जीत और टीवीके को मिल रहा महत्वपूर्ण मंत्रालय दोनों ही इस गठबंधन की सुदृढ़ता को दर्शाते हैं। राज्यपाल और शीर्ष नेताओं के बीच चल रहे संवाद तथा विरोधी दलों की अभिप्रेणाएं इस प्रक्रिया को और अधिक जटिल बना रही हैं, लेकिन यदि सभी पक्ष सहयोगी ग्रुप को व्यापक समर्थन देते हैं, तो टामिलनाडु में स्थिर और विकासोन्मुखी सरकार का निर्माण संभव हो सकता है। इस परिवर्तनशील अवस्था में दर्शकों की बारीकी से निगरानी बनी रहेगी, और आगामी दायित्वों को पूरा करने में सभी दलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।