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Breaking News: तमिलनाडु में पोस्ट‑पोल ड्रामा: टिविक के 107 विधायक एक साथ इस्तीफा देंगे, एआईएडीएमके ने उन्हें रिसॉर्ट में बंद किया
🕒 1 hour ago

तमिलनाडु के राजनीतिक मंच पर हाल ही में एक नया तनाव उत्पन्न हो गया है। विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद टिविक (टीवीके) के 107 विधायक, जिन्होंने जनवादी मोडिया कांग्लो के साथ गठबंधन का विकल्प चुना, सभी एक साथ इस्तीफा देने की धमकी दे रहे हैं। उनका बयान है कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बाद डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव कांग्लो (डिएमके) या एलोयी इण्डियन अडवांस्ड डेमोक्रेटिक मोडिया कांग्लो (एआईएडीएमके) का गठबंधन सरकार बनता है, तो वे अपने पद छोड़ देंगे। यह कदम टिविक के नेता वी.जी. विजय को सत्ता में लाने की अपनी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन ने इस कदम को राजनीतिक दबाव के रूप में पहचान लिया है। एआईएडीएमके पक्ष के नेता पल्लानीसवामी ने इस पर तीव्र प्रतिक्रिया दी और तत्कालीन टिविक के सभी विधायक को अपने ही नियंत्रण में लेकर एक हिल्टन रिसॉर्ट में बंद कर दिया। इस कदम के पीछे उनका लक्ष्य है कि स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने वाले विधायक को रोक कर टिविक की योजना को विफल करना। रिसॉर्ट में कई घंटे के विस्तृत चर्चा सत्र हुए, जहां दोनों पक्षों ने संभावित गठबंधन और नीति निरूपण पर विचार-विमर्श किया। इस बीच, डिएमके के मुख्य नेता मेंकीन मुन्ना ने भी टिविक को अपनाने की संभावना को कम करके नहीं आँका, क्योंकि उनका मानना है कि ऐसी धड़ल्ले वाली रणनीतियों से जनता का भरोसा जल्दी घट सकता है। अब सवाल यह है कि इस कठोर स्थिति में तमिलनाडु की सरकार कैसे गठित होगी। कई विश्लेषकों का मानना है कि टिविक के 107 विधायक यदि वास्तव में इस्तीफा दे दें तो एआईएडीएमके की बहुमत पक्की हो जाएगी, क्योंकि उनके पास अभी भी पर्याप्त समर्थन है। हालांकि, एआईएडीएमके ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वे इस सत्ता के अवसर को ले पाएंगे या नहीं। अदालत का हस्तक्षेप, गुप्त समझौते और संभावित गठबंधन समझौते इस प्रक्रिया को और जटिल बना सकते हैं। अंतिम निष्कर्ष यह है कि तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में अब एक नया मोड़ आया है। टिविक के 107 विधायक का बड़े पैमाने पर इस्तीफा देने का इरादा, एआईएडीएमके द्वारा उन्हें रिसॉर्ट में बंद करने की चाल, और डिएमके की प्रतिबद्धता—इन सब कारकों ने इस चुनावी संघर्ष को एक उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है। भविष्य में यह देखा जाएगा कि कौन-सी शक्ति इस बहस को समाप्त कर स्थायी सरकार का गठन करेगी और तमिलनाडु के मतदाता इस तनाव के बीच किस दिशा में अपना विश्वास रखेंगे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 08 May 2026