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Breaking News: ऑपरेशन सिंधूर की पहली सालगिरह: आईएएफ ने दिखाया पाक में आतंक नेटवर्क को ध्वस्त करने का साक्ष्य
🕒 2 hours ago

भारत ने ऑपरेशन सिंधूर की पहली सालगिरह मनाते हुए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने 88 सेकंड का वीडियो जारी किया, जिसमें पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों की इन्फ्रास्ट्रक्चर पर किए गए एक सटीक वायुमंडलीय हमले की तस्वीरें शामिल हैं। यह वीडियो न केवल भारत की सटीक जासूसी और लक्ष्य पहचान क्षमता को उजागर करता है, बल्कि भारत की विदेश नीति में बदलते रणनीतिक परिप्रेक्ष्य को भी दर्शाता है। इस ऑपरेशन की शुरुआत एक वर्ष पहले हुई थी, जब भारत ने सीमा पर लगातार आतंकी हमलों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए विस्तृत विमानों की श्रृंखला को तैनात किया। तब से लेकर अब तक, आईएएफ ने 12 से अधिक लक्षित हमले किए हैं, जिनमें प्रमुख प्रशिक्षण शिविर, रॉकेट लैबोरेटरी और टैंक अड्डे शामिल हैं, जो सभी भारत के सुरक्षा हितों के लिए खतरा बनते थे। ऑपरेशन सिंधूर के चरण-दर-चरण विकास को समझाने के लिए, टाइम्स ऑफ इंडिया की विस्तृत रिपोर्ट ने बताया कि पहले कई महीनों में छोटे‑छोटे स्निपर ड्रोनों और इंटेलिजेंस इकाइयों द्वारा जुटाए गए डेटा के आधार पर बड़े पैमाने पर हमले की योजना बनाई गई। इस प्रक्रिया में अमेरिकी और ब्रिटिश विशेषज्ञों की सलाह भी ली गई, जो भारत को 72 घंटे में वायु श्रेष्ठता स्थापित करने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान कर रहे थे। इस स्तर की रणनीति ने भारत को तेज़ी से निर्णय लेने और सीमांकन को बदलते हुए तेज़ी से कार्य करने की अनुमति दी, जिससे आतंकवादियों को पुनः संगठित होने का समय नहीं मिला। ऑपरेशन सिंधूर की सफलता पर भारत के प्रमुख राजनेता और सेना प्रमुखों ने सामंजस्यपूर्ण सराहना की है। लघु सिंह, लद्दाख के पूर्व मुख्य मंत्री, ने इस अवसर पर भारतीय सेना को श्रद्धांजलि दी और कहा कि आतंक‑मुक्त जम्मू व कश्मीर का सपना अब दूर नहीं रहा। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में प्रधानमंत्री मोदी ने भी देश भर में इस ऑपरेशन को "भौतिक प्रमाण" कह कर सुदृढ़ किया, यह इंगित करते हुए कि भारत अब आतंकवादी नेटवर्क को नष्ट करने के लिए आवश्यक सभी साधनों का उपयोग करने के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष ने इसे पाकिस्तान को अलग-थलग करने में विफलता का आरोप लगाया। यह ऑपरेशन न केवल सैन्य दृष्टिकोण से बल्कि कूटनीतिक पहलू से भी महत्वपूर्ण है। भारत ने इस बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के समर्थन में मौजूद देशों के खिलाफ कूटनीतिक दबाव बढ़ाया है, जिससे पाकिस्तान को दुबला करने की रणनीति को आगे बढ़ाया गया है। इस प्रक्रिया में भारत ने अपने सभी सच्चे सहयोगियों को अपने कदमों का समर्थन करने के लिए आमंत्रित किया, जिससे आतंक बचाव के लिए वैश्विक सहयोग जड़ता से निकलकर सक्रिय चरण में प्रवेश कर गया है। अंत में कहा जा सकता है कि ऑपरेशन सिंधूर भारत की रणनीतिक दृढ़ता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है। आईएएफ द्वारा जारी 88‑सेकंड के फुटेज ने न केवल आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर को तहस‑नहस करते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया, बल्कि इस बात का भी प्रमाण दिया कि भारत में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दृष्टिकोण अब निष्क्रिय नहीं, बल्कि सक्रिय है। आने वाले वर्षों में इस प्रकार के सटीक वायुमंडलीय हमलों की आवृत्ति बढ़ेगी, जिससे भारत अपने सीमाओं की सुरक्षा में नई सिफ़ारिशें स्थापित करेगा और विश्व मंच पर अपने विकासशील भूमिका को सुदृढ़ करेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 07 May 2026