प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ऑपरेशन सिंधूर के एक साल पूर्ण होने पर इसे "नागरिकों पर हमले करने वाले उग्रवादियों के लिये उपयुक्त जवाब" कहा। शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उन्होंने इस बड़े सैन्य अभियान की उपलब्धियों को रेखांकित किया और भारत के जवानों की बहादुरी की सराहना की। अपनी भाषा में उन्होंने कहा कि जिन्होंने निर्दोष भारतीय नागरिकों को हिम्मत दिखायी, उन पर भारत की सेना ने तीखा और सटीक प्रतिउत्तर दिया, जिससे देश में शांति और सुरक्षा की भावना फिर से स्थापित हुई। ऑपरेशन सिंधूर का उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत के मैत्रीपूर्ण राज्य में उभरे आतंकी समूहों को समाप्त करना, उनके कैंपों को नष्ट करना और सीमा पार के खतरों को एक बार में खत्म कर देना था। इस मिशन में भारतीय विशेष बलों ने गुप्त सूचना, ड्रोन निगरानी और अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग करके पाकिस्तान के तलावी कैंपों को ध्वस्त किया। विशेषकर, मणिपुर के रिझवान मलिक टीम ने दुश्मन के कवर को भेद कर कई आतंकवादी शिबिरों को विस्फोट किया, जिससे कई आतंकियों की जान गई और बड़े पैमाने पर हथियारों की गिरोह को क्षति पहुंची। इस कार्रवाई की वैधता और प्रभावशीलता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सराहा गया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सोशल मीडिया पर अपने प्रोफ़ाइल फोटो में लाल सिंधूर का रंग दिखाकर इस अभियान को यादगार बनाने का निर्णय भी किया। इस कदम ने देश भर में उत्साह और गर्व की भावना को बढ़ावा दिया। विभिन्न समाचार स्रोतों ने बताया कि इस ऑपरेशन की सफलता के बाद भारत की सीमाओं पर सुरक्षा तंत्र को और भी मजबूत किया गया है, और इसने आतंकवादी नेटवर्क को गंभीर क्षति पहुंचाई है। एक साल बाद, भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन की पुनरावृत्ति करते हुए 88 घंटे में पूरे अभियान को संक्षिप्त रूप में दिखाने वाला वीडियो जारी किया, जिसमें जलद, सटीक और संगठित कार्रवाई की झलक मिलती है। ऑपरेशन सिंधूर को भारतीय जनता ने बड़े हेयरानी और गर्व के साथ मनाया, क्योंकि यह दिखाता है कि जब राष्ट्र एकजुट होता है तो कोई भी बाहरी या आंतरिक खतरा असफल रह जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, "इसे हम एक सन्देश मान सकते हैं कि भारत की धरती पर आतंक का कोई स्थान नहीं है।" अब सभी एजेंसियाँ इस सफल ऑपरेशन के अनुभव को भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों में शामिल करने की कोशिsh कर रही हैं, ताकि भारत की सीमाओं पर शांति और समृद्धि कायम रखी जा सके।