जयपुर के मूर्धन्य शिल्पकार राम दयाल शर्मा प्राचीन तारकशी कला को रख रहे हैं जीवित
प्रसिद्ध शिल्पकार राम दयाल शर्मा वर्ष 1975 से जयपुर की जटिल तारकशी कला को सहेजने और संवारने में निरंतर जुटे हुए हैं। तांबे, पीतल और चांदी के तारों को लकड़ी पर एक मिलीमीटर की सूक्ष्म सटीकता के साथ उकेरने वाले राम दयाल को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार समेत क