Kotputli News
राजस्थान राज्य

फलोदी में त्रासद अंत: 40 घंटे के बोरवेल बचाव अभियान के बाद 9 वर्षीय भोमाराम की मौत

राजस्थान के फलोदी जिले में 40 घंटे चले गहन बचाव अभियान का अत्यंत दुखद अंत हुआ, जब 1050 फीट गहरे बोरवेल से 9 वर्षीय भोमाराम को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय विशेषज्ञों की टीमों के अथक प्रयासों के बावजूद कई तकनीकी और भौगोलिक

K
Kotputli News प्रकाशित: 17 Oct 2026, 07:31 PM
⏱ 5 मिनट का समय • 👁 1,003 बार देखा गया
यह समाचार अंग्रेजी में भी उपलब्ध है: Read in English →
फलोदी में त्रासद अंत: 40 घंटे के बोरवेल बचाव अभियान के बाद 9 वर्षीय भोमाराम की मौत
फलोदी में त्रासद अंत: 40 घंटे के बोरवेल बचाव अभियान के बाद 9 वर्षीय भोमाराम की मौत फोटो आभार: News18 Rajasthan State Wire
समाचार सुनें

0:00 / ~5:00
शेयर करें: 0 शेयर
WhatsApp Facebook

राजस्थान भर में गहरे शोक की लहर दौड़ाने वाले एक अत्यंत दर्दनाक घटनाक्रम में, 9 वर्षीय भोमाराम नामक बच्चे की लगभग 40 घंटे तक चले मैराथन और संघर्षपूर्ण बचाव अभियान के बावजूद मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना तब घटी जब मासूम बच्चा खेलते समय अचानक 1050 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा और सतह से लगभग 640 फीट की भारी गहराई में फंस गया। यह संकट वीरवार दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ, जिसके तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन इकाइयों और विशेष विशेषज्ञों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मोर्चा संभाल लिया था।

यह दुखद हादसा फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र में हुआ, जिसने ग्रामीण इलाकों में खुले और असुरक्षित पड़े गहरे बोरवेलों से उत्पन्न होने वाले गंभीर खतरों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पिछले कुछ वर्षों में, इस प्रकार के ग्रामीण बोरवेल मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआँ साबित होते रहे हैं, जिसके कारण समाज में व्यापक आक्रोश और कड़े सुरक्षा नियमों की मांग लगातार उठती रही है। जिस बोरवेल में भोमाराम गिरा था, उसकी अत्यधिक गहराई ने बचाव कर्मियों के सामने तकनीकी और लॉजिस्टिक संबंधी भारी चुनौतियां खड़ी कर दी थीं, जिससे यह स्थानीय आपातकाल एक कठिन परीक्षा में बदल गया।

जैसे-जैसे बचाव अभियान के घंटे बीतते गए, राहत कर्मियों को भारी बाधाओं का सामना करना पड़ा जिन्होंने उनकी प्रगति को बार-बार बाधित किया। बोरवेल के भीतर लगातार पानी का आना और रास्ते में बड़े पत्थरों का मौजूद होना ऐसी निरंतर बाधाएं थीं जिन्होंने मानक निकासी प्रक्रियाओं को विफल कर दिया। इन विकट परिस्थितियों के बावजूद, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीडीआरएफ) और स्थानीय विशेषज्ञों की संयुक्त टीमों ने चौबीसों घंटे अटूट प्रयास जारी रखा ताकि संकीर्ण शाफ्ट के भीतर किसी अन्य भूगर्भीय आपदा को टाला जा सके और बच्चे तक पहुंचा जा सके।

इस तनावपूर्ण अभियान के दौरान, स्थानीय समुदाय, पीड़ित परिवार के सदस्य और चिंतित ग्रामीण दुर्घटना स्थल पर लगातार डटे रहे और बच्चे की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों ने कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों के पास बिना ढके छोड़े गए बोरवेलों के प्रति बरती जाने वाली लापरवाही पर गहरी पीड़ा व्यक्त की। हितधारकों और ग्रामीणों ने लापरवाह भूस्वामियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की पुरजोर मांग की है, जो कृषि क्षेत्रों के समीप सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं।

इस हृदयविदारक त्रासदी का प्रभाव फलोदी जिले की सीमाओं से बहुत आगे तक महसूस किया जा रहा है, और कोटपूतली-बहरोड़ सहित आसपास के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा रोष एवं शोक व्याप्त है। पूरे राज्य के नागरिक इस सामूहिक पीड़ा को महसूस कर रहे हैं क्योंकि ऐसे ही जोखिम भरे हालात अनगिनत अन्य कृषि क्षेत्रों में भी मौजूद हैं। स्थानीय व्यापारिक और कृषि संघों ने नागरिक समाज समूहों के साथ मिलकर तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने, सभी गहरे बोरवेल परियोजनाओं के अनिवार्य पंजीकरण और बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल सुरक्षा ढक्कन लगाने की मांग की है।

जनता के भारी आक्रोश और इस संकट की गंभीरता के मद्देनजर, जिला प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय शासन निकायों ने व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू करने का संकल्प लिया है। अधिकारियों ने संवेदनशील ग्रामीण बेल्ट में खुले बोरवेलों का सर्वेक्षण करने और भूस्वामियों को भारी-भरकम स्टील के कवर तथा कंक्रीट की रिंग लगाने के सख्त नोटिस जारी करने की घोषणा की है। हालांकि ये प्रशासनिक कदम भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, किंतु ये नन्हीं जान गंवा चुके भोमाराम के लिए बहुत देर से उठाए गए कदम साबित हुए हैं, जिनकी असामयिक मृत्यु ने प्रशासनिक और सामाजिक उपेक्षा की पोल खोल दी है।

शुक्रवार रात करीब 3 बजे स्वदेशी जुगाड़ तकनीक की मदद से बच्चे को अंततः बाहर निकालने के साथ ही यह लंबा बचाव अभियान समाप्त हुआ, और इसके पश्चात प्रशासनिक व चिकित्सीय औपचारिकताएं शुरू की गईं। युवा भोमाराम के पार्थिव शरीर को तुरंत पुलिस सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया, जहां विधिक औपचारिकताएं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जानी है। आने वाले समय में, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रशासनिक निकायों के सामने यह सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी कि सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन हो ताकि किसी अन्य परिवार को ऐसा अपूर्णीय क्षति न उठानी पड़े।

Featured Creator Deep | @deepdrives.in
Deep | @deepdrives.in

📸 Deep | @deepdrives.in

🚗 Kotputli Ka Ladka • Car Creator

Real owner reviews, tested mileage & hidden car hacks! Join 10K+ automobile lovers.

K

Kotputli News

सत्यापित पत्रकार

कोटपूतली-बहरोड़ जिला संवाददाता एवं संपादकीय डेस्क

तथ्य-जांच सत्यापित

यह समाचार रिपोर्ट कोटपूतली न्यूज़ संपादकीय आचार संहिता के तहत प्रकाशित की गई है। यदि आपको इसमें कोई तथ्यात्मक त्रुटि प्रतीत हो तो सुधार हेतु संपर्क करें।

संबंधित खबरें

राजस्थान राज्य • 17 Oct 2026

राजस्थान मौसम अपडेट: प्रदेश में दोतरफा मौसम का असर, बारिश, आंधी और भीषण गर्मी का दौर जारी

राजस्थान में आज मौसम के दोतरफा रूप देखने को मिल रहे हैं, जिसमें कई जिलों में हल्की बारिश, तेज आंधी और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। माउंट आबू में जहां बारिश की संभावना है, वहीं जैसलमेर जैसे पश्चिमी जिलों में अधिकतम तापमान 41

⏱ 5 मिनट का समय 👁 1,000
राजस्थान राज्य • 17 Oct 2026

80 वर्षीय आयरिश बुजुर्ग बने जोधपुर के ऐतिहासिक जल स्रोतों के मसीहा

अस्सी वर्ष के आयरिश बुजुर्ग कैरेन रॉन्सले पिछले नौ वर्षों से जोधपुर की ऐतिहासिक बावड़ियों और झालरों को अपने हाथों से साफ कर उनका जीर्णोद्धार कर रहे हैं। महिला बाग झालरे की दयनीय स्थिति को देखकर उन्होंने इस निःस्वार्थ सेवा का बीड़ा उठाया और वे आज स्कूलों म

⏱ 3 मिनट का समय 👁 1,010
राजस्थान राज्य • 17 Oct 2026

राजस्थान मौसम अपडेट: मिला-जुला मौसम, कई जिलों में बारिश-आंधी और गर्मी का असर

राजस्थान में मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिल रहा है, जहाँ जयपुर समेत कई जिलों में आंधी और हल्की बारिश के आसार हैं। दूसरी ओर, जैसलमेर में तापमान 41 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। राज्यभर में हो रहे इन मौसमी बदलावों पर आम जनजीव

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,011
राजस्थान राज्य • 17 Oct 2026

श्री सांवलिया जी मंदिर के दानपात्र से पांचवें चरण में निकले 31 करोड़ रुपये

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर के भंडार की पांचवें और अंतिम चरण की गणना पूरी हो चुकी है। इस चरण में दानपात्र से 31 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के साथ-साथ भारी मात्रा में सोना और चांदी प्राप्त हुई है। इस वित्तीय खुलास

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,010
K
कोटपूतली न्यूज़ ऐप इंस्टॉल करें

फास्ट लोडिंग व मोबाइल ऐप अनुभव

🍪

हम बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, विश्लेषण और प्रासंगिक विज्ञापनों (Google AdSense) के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति पढ़ें

✓ Success