राजस्थान में 31 अक्टूबर 2026 को महीने के अंतिम दिन मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया है। पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभावों के कारण पूर्वी राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लगातार दर्ज की जा रही हैं, जिससे संपूर्ण क्षेत्र के तापमान और आबोहवा में ठंडक घुल गई है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर भारत में मौसम के इस बदलाव के पीछे ऊपरी वायुमंडल में होने वाले मौसमी फेरबदल प्रमुख वजह रहे हैं। इस प्रकार की मौसमी परिघटनाएं ऐतिहासिक रूप से कृषि गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को प्रभावित करती रही हैं, जिसके कारण प्रादेशिक स्तर पर मौसम विभाग की भविष्यवाणियां अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाती हैं।
पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार बारिश का स्थानीय प्रभाव काफी स्पष्ट रहा है। खैरथल और हरसोली में सर्वाधिक 43 मिलीमीटर तथा जयपुर जिले के पावटा में 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस मौसमी तंत्र की सक्रियता को भली-भांति दर्शाती है।
इन अप्रत्याशित बारिश की गतिविधियों पर स्थानीय किसानों, दुकानदारों और नागरिकों ने अपनी मिश्रित प्रतिक्रियाएं साझा की हैं। जहां व्यापारियों ने खुले बाजारों में हल्की कठिनाइयों का सामना किया, वहीं कृषि से जुड़े लोगों ने इस मौसम के बदलाव को अपनी फसलों के संदर्भ में गहराई से परखा और आवश्यक तैयारियां शुरू कीं।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन मौसमी बदलावों का व्यापक असर देखने को मिला है। स्थानीय नागरिकों ने सुहावने मौसम और ठंडी हवाओं का अनुभव किया, जिसके चलते लोगों ने अपनी दैनिक दिनचर्या में आवश्यक बदलाव किए और खुले में रखे सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय निकायों ने राज्यभर में उत्पन्न हुई इस मौसमी स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखी है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा हालांकि प्रदेश के किसी भी जिले के लिए कोई गंभीर चेतावनी या आंधी-तूफान का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, फिर भी स्थानीय प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
आगामी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 1 नवंबर 2026 से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम के पूरी तरह शुष्क होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग का आकलन है कि साफ आसमान के चलते दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और सामान्य स्थिति बहाल होगी।