कोटा रेलवे स्टेशन पर रेल प्रशासन द्वारा नियमों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सितंबर 2026 में व्यापक जांच अभियान संचालित किया गया। जन विश्वास अधिनियम के प्रावधानों के तहत चलाए गए इस विशेष अभियान में बिना टिकट यात्रा करने, स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने तथा अन्य वैधानिक नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई। इस सघन अभियान का सीधा उद्देश्य रेलवे परिसर में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना और अनधिकृत गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाना रहा।
रेलवे स्टेशनों पर अत्यधिक यात्री दबाव के चलते बिना टिकट यात्रा और स्वच्छता संबंधी नियमों का उल्लंघन एक पुरानी प्रशासनिक चुनौती रहा है। जन विश्वास कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से रेलवे तंत्र ने नियमों को अधिक सुगम परंतु उल्लंघनकर्ताओं के लिए दंडात्मक रूप से कठोर बनाया है। कोटा स्टेशन पर लगातार बढ़ती यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए यह आवश्यक हो गया था कि सुरक्षा, स्वच्छता और पारदर्शी यात्रा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित जमीनी कार्रवाई की जाए, जिससे सामान्य यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूरे सितंबर माह में चलाए गए इस गहन निरीक्षण के दौरान कुल 1,708 मामलों में विधिक कार्रवाई की गई। इन सभी मामलों के निस्तारण के दौरान नियमों की अवहेलना करने वाले यात्रियों से कुल 10,17,215 रुपये का जुर्माना वसूला गया। दर्ज किए गए मामलों में बिना उचित टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ परिसर में अपशिष्ट फैलाने और स्वच्छता के मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इस वृहद अभियान को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने के लिए वाणिज्य विभाग, रेलवे सुरक्षा बल और स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार की गई थी। तीनों विभागों के अधिकारियों और मैदानी कर्मियों की सम्मिलित टीमों ने प्लेटफार्मों, प्रतीक्षालयों, प्रवेश द्वारों और ट्रेनों के डिब्बों में सघन जांच की। संयुक्त निगरानी के कारण बिना टिकट यात्रा करने वाले और स्टेशन पर अव्यवस्था फैलाने वाले तत्वों के लिए बच निकलना संभव नहीं रहा, जिससे अभियान का परिणाम काफी प्रभावी देखने को मिला।
कोटा रेलवे स्टेशन पर की गई इस कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का संदेश कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आवागमन करने वाले यात्रियों और दैनिक प्रवासियों तक स्पष्ट रूप से पहुंचा है। क्षेत्रीय रेल मार्गों से जुड़े यात्री अक्सर इन प्रमुख जंक्शनों से होकर गुजरते हैं, और इस तरह की निरंतर निगरानी से आम जनता में विधिक टिकट लेकर यात्रा करने की प्रवृत्ति को बल मिलता है। नियमित जांच अभियानों से न केवल अनुशासित यात्रा संस्कृति विकसित होती है, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर रेल राजस्व की क्षति भी रुकती है।
रेल प्रशासन ने इस कार्रवाई के उपरांत सभी रेल यात्रियों से पुनः अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें। वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छ वातावरण और ट्रेनों में सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अनधिकृत प्रवेश और परिसर को गंदा करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस प्रकार के औचक जांच अभियान जारी रहेंगे।
आगामी समय में भी कोटा मंडल के अंतर्गत वाणिज्य विभाग, आरपीएफ और स्वास्थ्य विभाग की यह त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था निरंतर सक्रिय रहेगी। आगामी त्योहारी और व्यस्त यात्रा सत्रों को देखते हुए जांच दलों को और अधिक सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। रेल प्रशासन ने आम नागरिकों और यात्रियों से आग्रह किया है कि वे स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं का जिम्मेदारी से उपयोग करें, वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय योगदान दें।