विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर विशेष पूजा और तिलक श्रृंगार के अनुष्ठानों के चलते लगातार 19 घंटों तक भक्तों के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक घोषणा के अनुसार, इस अवधि के दौरान मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए स्थगित रहेंगे ताकि पवित्र धार्मिक कार्य विधिवत संपन्न किए जा सकें।
यह प्राचीन और अत्यधिक सम्मानित धार्मिक स्थल Kotputli-Behror क्षेत्र सहित देश के कोने-कोने से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बाबा श्याम के विग्रह का तिलक श्रृंगार और विशेष पूजा अत्यंत पवित्र प्रक्रियाएं हैं, जिनके लिए पुजारियों और सेवकों को पूर्ण एकाग्रता और समय की आवश्यकता होती है, जिसके चलते आम दर्शनार्थियों का प्रवेश रोकना अनिवार्य हो जाता है।
श्री श्याम मंदिर कमेटी के निर्देशानुसार, पट बंद रखने की यह प्रक्रिया 13 अक्टूबर की रात 10 बजे से प्रभावी होगी। इस निर्धारित समय से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे और गर्भगृह में केवल अधिकृत अनुष्ठानकर्ता ही प्रवेश कर सकेंगे।
तय कार्यक्रम के अनुसार, बाबा श्याम के भव्य तिलक श्रृंगार और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न होने के पश्चात, 14 अक्टूबर की शाम 5 बजे मंदिर के पट पुनः भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके उपरांत सभी श्रद्धालु अपने आराध्य के नए श्रृंगारित स्वरूप के अलौकिक दर्शन का लाभ उठा सकेंगे।
कोटपूतली क्षेत्र और आसपास के जिलों से खाटूश्यामजी की यात्रा करने वाले यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय व्यवसायियों के लिए यह सूचना बेहद महत्वपूर्ण है। यात्रा मार्गों पर भारी संख्या में श्रद्धालु पैदल या वाहनों से आते हैं, इसलिए समय सारणी में बदलाव होने पर अग्रिम जानकारी होना व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
मंदिर कमेटी और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित किया है कि इस 19 घंटे की अवधि की सूचना सभी प्रमुख मार्गों और डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित की जाए ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्री श्याम मंदिर कमेटी ने समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 13 अक्टूबर की रात से 14 अक्टूबर की शाम के बीच बाबा श्याम के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में न आएं। कमेटी ने सभी से अनुरोध किया है कि वे इस समयावधि का ध्यान रखें और शांतिपूर्ण ढंग से प्रशासन का सहयोग करें।