नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने और प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से जयपुर में एक बड़े नागरिक अभियान की घोषणा की गई है। नगर निगम द्वारा आगामी 7 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक विशेष सेवा सेतु अभियान का संचालन किया जाएगा। इस व्यापक नागरिक सहभागिता अभियान के तहत शहर के विभिन्न जोन कार्यालयों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जिनका मुख्य लक्ष्य आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करना है।
इस प्रकार के वृहद जनसंपर्क और समाधान अभियानों की पृष्ठभूमि में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आम जनता की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समयबद्ध निवारण करने की आवश्यकता रही है। पूर्व में नागरिकों को अपने दैनिक प्रशासनिक कार्यों, जैसे लाइसेंस बनवाने, पट्टे प्राप्त करने या बुनियादी सुविधाओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर निगम के मुख्य कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। इन्ही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रशासन ने जोन स्तर पर इन शिविरों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की है।
अभियान के दौरान स्थापित किए जाने वाले इन विशेष शिविरों में सफाई व्यवस्था, सड़क मरम्मत, सीवर लाइन सुधार, और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही, शिविरों में लाइसेंस जारी करने, संपत्ति के पट्टे देने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के मामलों और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इन शिविरों को सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में संचालित किया जाएगा ताकि नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर न काटने पड़ें।
इस अभियान की घोषणा के बाद स्थानीय निवासियों, व्यापारी संगठनों और विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक कदम का स्वागत किया है। नागरिकों का मानना है कि इस तरह के विकेंद्रीकृत आयोजनों से लालफीताशाही पर अंकुश लगता है और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति तक पहुंच पाता है। विशेष रूप से व्यापारियों और संपत्ति धारकों ने लंबित पट्टों और लाइसेंसों के मामलों का समय पर निस्तारण होने की उम्मीद जताई है, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
यद्यपि इस सेवा सेतु अभियान का मुख्य कार्यक्षेत्र जयपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जोन कार्यालय हैं, परंतु इसके सकारात्मक प्रभाव आसपास के क्षेत्रों और कोटपुतली-बहरोड़ जैसे उभरते हुए जिलों पर भी प्रशासनिक दृष्टि से देखे जाते हैं। इन क्षेत्रों में भी शहरीकरण के बढ़ते दबाव के कारण नागरिक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही है, और इस प्रकार के सफल मॉडल अन्य स्थानीय निकायों के लिए मार्गदर्शक साबित होते हैं।
अभियान की सफलता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने सभी जोन कार्यालयों में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी समितियां गठित की हैं। ये समितियां शिविरों के दौरान आने वाले मामलों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत का संतोषजनक समाधान निर्धारित समयावधि के भीतर हो सके। किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही से बचने के लिए फील्ड अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
आगामी 7 से 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस सेवा सेतु अभियान से शहर की नागरिक व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आने की पूरी उम्मीद है। नगर निगम प्रशासन ने शहर के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों का लाभ उठाएं और अपनी समस्याओं का समाधान कराएं। इस अभियान का भविष्य का मूल्यांकन इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने लंबित मामलों का सफल और स्थायी समाधान धरातल पर सुनिश्चित किया गया है।