Kotputli News
संस्कृति एवं मेले

बीकानेर में नवरात्रि 2026 से पहले मूर्तिकार गढ़ रहे मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं

बीकानेर में नवरात्रि 2026 के पावन पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, जहां बालोतरा से आए कुशल कलाकार पुगल रोड के किनारे मिट्टी से मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। मूर्तिकार नारायण अपने परिवार के साथ मिलकर दो से छह फीट तक की आकर्षक मूर्तियां बना

K
Kotputli News प्रकाशित: 11 Oct 2026, 05:30 AM
⏱ 4 मिनट का समय • 👁 1,002 बार देखा गया
यह समाचार अंग्रेजी में भी उपलब्ध है: Read in English →
बीकानेर में नवरात्रि 2026 से पहले मूर्तिकार गढ़ रहे मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं
बीकानेर में नवरात्रि 2026 से पहले मूर्तिकार गढ़ रहे मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं फोटो आभार: News18 Rajasthan State Wire
समाचार सुनें

0:00 / ~4:00
शेयर करें: 0 शेयर
WhatsApp Facebook

बीकानेर में नवरात्रि 2026 के पावन पर्व को लेकर तैयारियां अत्यंत तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल बन गया है। पुगल रोड के किनारे बालोतरा से आए हुए पारंपरिक मूर्तिकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए मिट्टी से मां दुर्गा की दिव्य प्रतिमाएं तैयार करने में पूरी तरह तल्लीन हैं। कलाकारों की यह मौसमी उपस्थिति और उनके अस्थायी कार्यस्थल उस गहरी सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाते हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही है।

प्रतिमा निर्माण की यह कला पुश्तैनी कौशल, अपार धैर्य और गहरी आस्था का एक सुंदर संगम है। बालोतरा से ताल्लुक रखने वाले मूर्तिकार नारायण अपने परिवार के साथ मिलकर वर्षों से इस क्षेत्र में अपनी कला को जीवंत कर रहे हैं। इन कलाकारों के हाथ कच्ची मिट्टी और भूसे को बड़े ही कौशल से मां दुर्गा के भव्य और सजीव रूपों में ढाल देते हैं, जिसके लिए अत्यधिक शारीरिक श्रम और बारीकी की आवश्यकता होती है।

पुगल रोड के किनारे चल रहे इन निर्माण कार्यों के बीच मूर्तियों के आकार और उनकी आर्थिक संरचना का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यहां तैयार की जा रही मूर्तियां दो से छह फीट तक की ऊंचाई वाली हैं, जिनकी कीमतें तीन हजार से आठ हजार रुपये के बीच निर्धारित की गई हैं। इन मूर्तियों की कीमत में कलाकारों की मेहनत, सामग्री की लागत और कलात्मक उत्कृष्टता का सीधा समावेश होता है, जो उनके आजीविका का मुख्य आधार है।

जमीनी हकीकत और ग्राहकों की पसंद पर चर्चा करते हुए मूर्तिकार नारायण बताते हैं कि पारंपरिक स्वरूपों की मांग हमेशा से शीर्ष पर रही है। इन कार्यशालाओं में शेर पर सवार मां दुर्गा की प्रतिमाओं की मांग सबसे अधिक दर्ज की जा रही है, जिसे भक्तगण और पंडाल आयोजक विशेष रूप से प्राथमिकता देते हैं। इस विशिष्ट प्रतिमा को तैयार करने में संरचनात्मक मजबूती और कलात्मक सुंदरता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाता है।

बीकानेर के स्थानीय आर्थिक परिदृश्य पर इन मूर्तिकारों की उपस्थिति का गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह मौसमी व्यापार क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है क्योंकि सामुदायिक आयोजक और आम नागरिक अपनी धार्मिक आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह इन कलाकारों पर निर्भर रहते हैं। बालोतरा से आए इन परिवारों का बीकानेर में यह प्रवास क्षेत्रीय वाणिज्यिक गतिविधियों को भी एक नई ऊर्जा प्रदान करता है।

स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय पुगल रोड जैसे व्यस्त परिवहन गलियारों के किनारे सार्वजनिक भूमि के उपयोग पर पैनी नजर रखते हैं, ताकि यातायात और सुगम आवाजाही में कोई बाधा न आए। हालांकि कलाकार अपने स्तर पर व्यवस्थाएं संभालते हैं, लेकिन उत्सव के इस सीजन में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए नागरिक प्रशासन भी सतर्क रहता है ताकि किसी को असुविधा न हो।

भविष्य की तैयारियों और आगामी समय की रूपरेखा को देखते हुए, नवरात्रि 2026 के आरंभ होने से ठीक पहले के सप्ताह मूर्तियों की अंतिम फिनिशिंग और उनकी डिलीवरी का मुख्य चरण होंगे। नारायण जैसे कलाकार मूर्तियों में रंगाई, सज्जा और अंतिम रूप देने के कार्यों में जुटे हुए हैं। बाजार में लगातार बनी हुई उच्च मांग को देखते हुए मूर्तिकार इस सीजन में अपनी मेहनत का सार्थक परिणाम मिलने की पूरी उम्मीद कर रहे हैं।

Featured Creator Deep | @deepdrives.in
Deep | @deepdrives.in

📸 Deep | @deepdrives.in

🚗 Kotputli Ka Ladka • Car Creator

Real owner reviews, tested mileage & hidden car hacks! Join 10K+ automobile lovers.

K

Kotputli News

सत्यापित पत्रकार

कोटपूतली-बहरोड़ जिला संवाददाता एवं संपादकीय डेस्क

तथ्य-जांच सत्यापित

यह समाचार रिपोर्ट कोटपूतली न्यूज़ संपादकीय आचार संहिता के तहत प्रकाशित की गई है। यदि आपको इसमें कोई तथ्यात्मक त्रुटि प्रतीत हो तो सुधार हेतु संपर्क करें।

संबंधित खबरें

संस्कृति एवं मेले • 11 Oct 2026

देव-पितृ अमावस्या पर चारभुजानाथ का विशेष श्रृंगार, रंग-बिरंगे फूलों से सजा गढ़बोर धाम

देव-पितृ श्राद्ध अमावस्या के पावन अवसर पर राजसमंद के प्रसिद्ध चारभुजा गढ़बोर धाम में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। इस अवसर पर भगवान चारभुजानाथ के दरबार को रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया और ठाकुरजी को विशेष पोशाक, वैजयंती माला तथा मेवाड़ी पाग

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,004
संस्कृति एवं मेले • 11 Oct 2026

शारदीय नवरात्रि 2026 पर जोबनेर के ज्वाला माता मंदिर में उमड़ेगी भक्तों की भारी भीड़

राजस्थान के जोबनेर स्थित प्रसिद्ध ज्वाला माता मंदिर में शारदीय नवरात्रि 2026 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर प्रशासन ने हजारों श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। यह पावन पर्व एक अत्यंत भक

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,006
संस्कृति एवं मेले • 10 Oct 2026

बगरू का भूतनाथ महादेव मंदिर: श्मशान भूमि पर स्थापित अटूट आस्था का केंद्र

जयपुर ग्रामीण के बगरू में श्मशान घाट की भूमि पर स्थित भूतनाथ महादेव मंदिर स्थानीय निवासियों की अटूट आस्था का मुख्य केंद्र बना हुआ है। लगभग 21 वर्ष पुराने इस शिवलिंग और भगवान गणेश व नंदी की भव्य प्रतिमाओं के साथ, यह पावन धाम जीवन और मृत्यु के गूढ़ आध्यात्म

⏱ 3 मिनट का समय 👁 1,003
संस्कृति एवं मेले • 10 Oct 2026

सीकर का ऐतिहासिक रंगमंच बिना डिजिटल तकनीक के प्राचीन परंपरा से जीवंत कर रहा रामलीला

सीकर का ऐतिहासिक श्री कल्याण रंगमंच वर्ष 1962 में स्थापित अपनी अनूठी और प्राचीन मंचीय तकनीक के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। बिना किसी डिजिटल तकनीक के यह मंच केवल 7 पर्दों, 11 रस्सियों और 2 फीट ढलान के सहारे रामलीला के दृश्यों को जीवंत करता ह

⏱ 4 मिनट का समय 👁 1,005
K
कोटपूतली न्यूज़ ऐप इंस्टॉल करें

फास्ट लोडिंग व मोबाइल ऐप अनुभव

🍪

हम बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, विश्लेषण और प्रासंगिक विज्ञापनों (Google AdSense) के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति पढ़ें

✓ Success