राजस्थान के राजनीतिक गलियारों से एक बेहद दुखद और शोकपूर्ण समाचार सामने आया है, जहां बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जसवंत यादव का रविवार सुबह निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे अनुभवी नेता डॉ. यादव ने जयपुर स्थित महात्मा गांधी अस्पताल में प्रातः 8:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही समर्थकों और राजनीतिक हलकों में गहरा शोक छा गया।
डॉ. जसवंत यादव का राजनीतिक करियर दशकों लंबा रहा, जिसके दौरान उन्होंने अलवर और बहरोड़ क्षेत्र में अपनी एक मजबूत और प्रभावशाली राजनीतिक पहचान बनाई। उन्होंने अपने जनसेवा के सफर में विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए स्थानीय विकास और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और क्षेत्र की राजनीति में एक गहरी छाप छोड़ी।
परिवार की ओर से दुखद समाचार की पुष्टि उनके बेटे मोहित यादव ने की। मोहित यादव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अपने पिता के देहांत की आधिकारिक जानकारी साझा की, जिसके तुरंत बाद क्षेत्र के निवासियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई तथा सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
अंतिम यात्रा और दर्शन से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। डॉ. जसवंत यादव का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए अलवर स्थित उनके जसवंत नगर आवास पर दोपहर 4 बजे के बाद रखा जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के पहुंचने की संभावना है।
इस निधन का असर पूरे कोटपुतली-बहरोड़ जिले और आसपास के क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर शोक की भावना इतनी तीव्र है कि विभिन्न संगठनों और व्यापारिक इकाइयों ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं, क्योंकि डॉ. यादव का स्थानीय जनता के साथ सीधा और गहरा जुड़ाव रहा था।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने अलवर स्थित आवास और अंतिम संस्कार स्थल के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। भारी जनसमूह के जुटने की संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. जसवंत यादव का अंतिम संस्कार कल दोपहर बाद किया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहकर अपने प्रिय नेता को अश्रुपूर्ण विदाई देंगे, जिससे क्षेत्रीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अवसान हो जाएगा।