राष्ट्रीय प्राथमिक चुनाव 2026 के दूसरे चरण की तैयारी के साथ, prime minister नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपने अंतिम रैली में एक जोरदार संदेश दिया – “कमल खिलेगा”. यह बयान केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि भाजपा की इस राज्य में फिर से सत्ता स्थापित करने की दृढ़ संकल्पना का प्रतीक है। मोदी ने रांची के एक बड़े सभा स्थल पर हजारों समर्थकों को संबोधित कर कहा कि पिछले कुछ महीनों में भाजपा ने बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे अहम राज्यों में शानदार जीत हासिल की है, और अब बेंगल में भी वही जागरूकता और विकास का ‘कमल’ खिलेगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने जहाँ भी पहुँचकर लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा किया है, वही भविष्य में बेंगल में भी लागू होगा।” इस रैली में पार्टी के प्रमुख नेताओं ने भी उपस्थित होकर जनहित कार्यों, रोजगार की नौकरियों और बुनियादी ढांचा विकास की योजनाओं को दोहराया। रैली में मोदी ने विशेष रूप से जल संरक्षण, सड़कों की मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं के संवर्द्धन और शिक्षा के लिए नई योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आगामी सरकार के तहत ‘जल-जलैवय’ परियोजना के तहत प्रत्येक गाँव में नल का पानी उपलब्ध कराया जाएगा और फसल के लिए सिंचाई सुविधाओं को आधुनिक बना दिया जाएगा। साथ ही, वाणिज्यिक पार्कों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से युवा उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इन बायाबानों के साथ, मोदी ने बेंगल में ‘कमल’ के प्रतीक के रूप में सांस्कृतिक धरोहरों को भी सुदृढ़ करने का वादा किया, जिसमें प्रसिद्ध कलिबरी का संरक्षण और स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय मंच पर लाने की योजना शामिल है। रैली के दौरान विपक्षी दलों ने भी अपने मुद्दे उठाए, लेकिन मोदी ने दृढ़ता से कहा कि परिणाम के दिन तक केंद्र सरकार का समर्थन बेंगल में बना रहेगा, चाहे वह किस भी दल को सत्ता मिले। उन्होंने कहा, “हमारा मुख्य लक्ष्य विकास है, न कि राजनीति। इसलिए, चाहे परिणाम कुछ भी हो, हम बेंगल के लोगों को सबसे अधिक सुविधाजनक और समृद्ध भविष्य देने के लिए काम करेंगे।” इस बयान ने विपक्षी नेताओं के बीच आश्चर्य पैदा किया, क्योंकि यह संकेत दे रहा था कि भाजपा केंद्र से शक्ति का उपयोग करके राज्य में स्थायी परिवर्तन लाने के लिए तैयार है। अंत में, मोदी ने सभी समर्थकों से आग्रह किया कि वे अपने मतों को दृढ़ता से उपयोग करने और मोदी-शहरी ‘कमल’ के विकास के लिये मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा, “हमारी जीत केवल चुनाव नहीं होगी, बल्कि बेंगल के लोगों के लिए नया इतिहास लिखने का अवसर होगी।” इस उत्साहपूर्ण रैली के बाद, भाजपा के कार्यकर्ता और स्वयंसेवक पूरे राज्य में चुनावी अभियान को तीव्र गति से आगे बढ़ाने के लिए तैयार हुए। यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों के लिए यह चुनाव केवल सत्ता की दौड़ नहीं, बल्कि बेंगल के भविष्य की दिशा तय करने की महत्त्वपूर्ण लड़ाई है।