नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आर्थिक नीतियों के दिशा-निर्देश निर्धारित करने वाले प्रमुख निकाय नीति आयोग में अाशोक लाहिड़ी को उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया है। लाहिड़ी, जो पश्चिम बंगाल के बीटिक آباد विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक भी हैं, पहले भारतीय रेल मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के रूप में अपनी विशिष्ट योग्यता और अनुभव का परिचय दे चुके हैं। इस प्रतिष्ठित पद पर उनका चयन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जारी बड़े स्तर के पुनर्गठन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें नीति आयोग में चार नए सदस्य भी जोड़े गए हैं। अाशोक लाहिड़ी को नीति आयोग के उपाध्यक्ष बनाते हुए सरकार ने उनके व्यापक आर्थिक ज्ञान, वित्तीय सुधारों में उनके योगदान और विकासशील देशों में नीति निर्माण के उनके अनुभव को प्रमुख कारण बताया। भारतीय रेलवे में कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बड़े परियोजनाओं की योजना बनाकर कार्यान्वयन किया, जिससे राष्ट्रीय बुनियादी ढाँचे के विकास में गति आई। इसी के साथ, वे पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीतिक भूमिका में भी सक्रिय रहे, जहाँ उन्होंने राज्य की आर्थिक योजना में सुधार एवं निवेश को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई। इन सभी कारकों को देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने लाहिड़ी के इस नए दायित्व को स्वीकार किया और उन्हें पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। लाहिड़ी की इस नई जिम्मेदारी के तहत अब वे नीति आयोग की मुख्य बैठकों में भाग लेंगे, जहाँ वे आर्थिक सुधारों, वैश्विक प्रतिस्पर्धा, और भारत के दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देश तय करने में सहयोग करेंगे। उनके कार्यक्षेत्र में वित्तीय inclusion, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और सतत विकास लक्ष्य (SDGs) पर विशेष ध्यान देना शामिल होगा। लाहिड़ी ने कहा है कि वे "भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नवाचार, निवेश और सार्वजनिक‑निजी भागीदारी को बढ़ावा देंगे" और इस उद्देश्य से अधिकतम सहयोग और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। नए नियुक्तियों के बाद नीति आयोग ने कई परिवर्तनात्मक कदम उठाने का वादा किया है। चार नए सदस्यों के साथ, अब आयोग में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्रों में व्यापक विशेषज्ञता होगी, जिससे सरकार के विभिन्न पहलुओं में सटीक और त्वरित निर्णय ले सकेंगे। लाहिड़ी के साथ इस पुनर्गठन का लक्ष्य है कि नीति आयोग को एक सक्रिय नीतिनिर्धारण मंच बनाया जाए, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों का शीघ्र समाधान प्रदान कर सके। इस प्रक्रिया में, आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम करेंगे, जिससे राष्ट्रीय नीति का एकीकृत दृष्टिकोण संभव हो सके। निष्कर्षतः, अाशोक लाहिड़ी का नीति आयोग के उपाध्यक्ष बनने का निर्णय भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुभव, विशेषज्ञता और राजनीतिक समझ को मिलाकर, नीति आयोग अब अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बन सकता है। यह नियुक्ति न केवल लाहिड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धियों को सराहती है, बल्कि देश की आर्थिक व नीति दिशा को मजबूत करने के लिए एक डिज़ाइन किया गया कदम भी है। जैसे-जैसे आयोग नई नीतियों और योजनाओं को लागू करेगा, भारतीय जनता को निकट भविष्य में आर्थिक स्थिरता, रोजगार सृजन और राष्ट्रीय विकास के नए आयाम देखने को मिल सकते हैं।