पुने की पहाड़ी का एक ख़ूबसूरत सफर, जो कई लोगों के लिये रोमांच और आनंद का स्रोत होता है, आज एक दुखद रहस्य का मोर्चा बना गया है। केतन अग्रवाल, 33 वर्ष के पुणे के व्यवसायी, दो हफ्ते पहले अपने दोस्त के साथ लोभगढ़ के पहाड़ी क्षेत्र में ट्रेकिंग कर रहे थे, तभी एक अचानक गिरावट में उनका जीवन समाप्त हो गया। इस मर्मीक घटना के पीछे क्या सच्चाई छिपी है, यह सवाल कई दिनों से लोगों के दिलों में गूंज रहा था। उनके पिता, सुश्री अभिषेक अग्रवाल ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बताया कि केतन के मौत से ठीक पहले वह उसी मोड़ पर मौजूद थे जहाँ उसकी मृत्यु हुई, और इस दौरान उन्होंने एक अजीबोगरीब कहानी सुनाई, जो अब जांच में एक नया मोड़ लेकर आई है। केतन को उस दिन लोहाघड की चोटी पर पहुँचते समय एक अजीब आवाज़ सुनाई दी, कहा जाता है कि उनकी मित्र सिया गोयल ने एक "साँप" की कहानी सुनाई थी। सिया, जिसके साथ केतन का प्रस्ताव भी था, ने अपने सोशल मीडिया पर कई रोमैंटिक पोस्ट शेयर किए थे, किन्तु अचानक उनके पोस्ट में एक अलौकिक स्वर उभर आया, जिसमें उन्होंने "मैंने दिल को घर मिल गया" लिखा और संकल्प किया कि वह केतन के साथ जीवन का एक नया अध्याय शुरू करेगी। इस बीच, उन्होंने एक रात अपने कमरे में एक रेंगते सांप को देखा, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने दोस्तों को बताया, पर इस पर कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। जांच के प्रारम्भिक चरणों में पुलिस ने पाया कि केतन के पैर में किसी प्रकार का चोट नहीं था, बल्कि उनके गिरने के समय घातक शक्ति की एक आश्चर्यजनक गति थी। उन्होंने यह भी जांचा कि क्या सिया ने जानबूझकर केतन को गहरा घाटी में धकेला, जिससे उनका शरीर नीचे की खाई में गिर गया। सिया के रिश्ते की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय पुलिस ने उसके साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया, और कई CCTV फुटेज व मोबाइल डेटा की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की कि गिरने से ठीक पहले किसकी उपस्थिति में क्या संवाद हुआ। जाँच के अभिलेखों से पता चलता है कि केतन का फोन गिरने के दो मिनट पहले बंद कर दिया गया था, और उसी समय आसपास के जंगल में एक तेज़ हवा चल रही थी, जिसके कारण पेड़ की शाखाएं हिल गईं। कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि यह संभावित रूप से एक दुर्घटना भी हो सकती है, परंतु सिया की पूर्व में बताई गई "साँप की कहानी" और उसके बाद के रोमैंटिक पोस्ट इस मामले को और जटिल बनाते हैं। पिता के बयान के अनुसार, केतन ने अपने पिता के साथ उसी स्थान पर जिमनैस्टिक अभ्यास किया था, जहाँ बाद में वह गिरा; इस बात से यह संकेत मिलता है कि इस क्षण में कहीं न कहीं योजना या साजिश की छाप हो सकती है। अंत में, इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि व्यक्तिगत संबंधों में विश्वास और सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। जबकि जांच अभी जारी है, सभी को सावधानी बरतने और पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग के दौरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी जा रही है। केतन अग्रवाल के परिवार और मित्रजनों की पीड़ा अब तक सुनी जा रही है, और इस मामले के सत्य की खोज में पुलिस का हर कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।