दिल्ली की एक युवा महिला, जो गैर‑सरकारी संस्था में इंटर्न के तौर पर कार्यरत थी, को ओडिशा के रेयागड़ा जिले में अभद्र हमले और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। यह घटना तब हुई जब वह अपने सामाजिक कार्य के दायरे में ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रही थी। स्थानीय थानों की प्रारम्भिक रिपोर्ट के अनुसार, महिला को कपड़े हटाकर खुले में उतारा गया और फिर उसके साथ कई प्रकार के शारीरिक और यौन दुर्व्यवहार किए गए। इस अंधेरी घटना ने पूरे देश में घबराहट पैदा कर दी, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक संगठनों के कार्यस्थलों पर जोखिम को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने व्यापक जांच शुरू की और झंडे की तरह कई आरोपी को गिरफ्तार किया। कुल मिलाकर बीस लोगों को पकड़ लिया गया, जिनमें कुछ स्थानीय राजनैतिक संपर्कों वाला माना गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ स्थानीय मवेशी पालक और कुछ अजनबी थे, जो उस स्थान पर अचानक आए थे। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी महिला को लुभाने के प्रयास में पहले दोस्ताना ढंग से बात कर रहे थे, फिर अचानक हिंसक व्यवहार में बदल गए। इस आतंक के बाद महिला को तुरंत दिल्ली में ही स्थित अपनी संस्था के मुख्यालय में ले जाया गया, जहाँ उसे चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की गई। इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर भी गहरा प्रभाव देखा गया। कई नागरिक समूहों और महिला संगठनों ने इस हमले को निंदा करते हुए न्याय की पुकार की। दलील दी गई कि सामाजिक कार्यकर्ता, विशेषकर महिलाएं, अक्सर दूरस्थ क्षेत्रों में काम करते समय सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं पा पाते, जिसके कारण ऐसे अपराधों का जोखिम बढ़ जाता है। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई सवालों के जवाब मांगे, और प्रभावित महिला के साथियों को आश्वासन दिया गया कि न्याय मिलने तक किसी भी प्रकार के लापरवाही की संभावना नहीं छोड़ी जाएगी। अंततः यह घटना सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाओं के लिए एक चेतावनी बन गई है कि उनकी सुरक्षा को लेकर हर स्तर पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। न्यायिक प्रक्रिया के चलने के साथ, यह भी अनिवार्य है कि स्थानीय पुलिस सख्त कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए सक्रिय सुरक्षा उपायों को लागू करे। समाज को मिलकर इस क़िस्म की हिंसा के विरुद्ध आवाज़ उठानी चाहिए, ताकि किसी भी महिला को अपने कर्तव्यों को निर्विघ्नतः निभाते समय भय का सामना न करना पड़े।