📰 Kotputli News
Breaking News: ट्रम्प ने बनायी झूठी कहानी, इटली की पीएम मेलोनी ने किया खुलासा: फोटो के लिए नहीं किया था कोई ‘भिखारी’ इशारा
🕒 1 day ago

गुज़रते कुछ हफ़्तों में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर सदमे की लहरें भड़काई, जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सम्मलेन G7 के दौरान इटली की प्रधान मंत्री गियानचा मेलोनी के साथ फोटो लेने के लिए उनका आग्रह किया, यह दावा किया। इस बात को लेकर मेलोनी ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि ट्रम्प ने "पूरी तरह से" एक कहानी घड़ी है, जिसमें उन्होंने खुद को उद्धृत किया कि वह उन फोटो के लिए ‘भिखारी’ बन गई थीं। उनका कहना है कि इस प्रकार की बातों का कोई आधार नहीं है और यह केवल उनका खुद का खुदरा हुआ दावा है। मेलोनी ने अपने विवरण में बताया कि वह किस तरह से इस कथित घटना को "बनावट" ठहराती हैं। उन्होंने कहा कि G7 सम्मेलन में कई देशों के नेते एक साथ होते हैं और सभी की भागीदारी एक प्रतिबद्धता होती है। इस दौरान ट्रम्प ने अंजाने में ऐसी बात कही कि वह फोटो के लिये अत्यंत विनती कर रही थीं, परन्तु यह विरोधाभास नहीं समझा गया। मेलोनी ने स्पष्ट किया कि वह कभी भी किसी नेता के सामने झुककर नहीं बैठतीं और किसी भी तरह के सार्वजनिक फोटो के लिए अपने अधिकार को नहीं त्यागतीं। उन्होंने इस बात को "इतालिया और मैं कभी नहीं भिखारी हुए" कहकर सुदृढ़ किया। ट्रम्प की इस बात को लेकर विश्वभर में अनेक मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्टिंग की, जिनमें बीबीसी, द हिंदु, एनडीटीवी, इण्डिया टुडे और द गार्डियन शामिल हैं। एक ही समाचार का कई स्रोतों पर प्रसारण यह दर्शाता है कि इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय राजनयिक चर्चाओं को कितना असरदार बना दिया है। इन समाचारों में यह स्पष्ट किया गया कि ट्रम्प ने इस बात को ‘विचार की एक नई दिशा’ के रूप में पेश किया, जबकि मेलोनी ने इसे ‘गलत जानकारी’ कहा। इस घटना ने दो देशों के बीच के राजनैतिक तनाव को भी उजागर किया। इटली ने हमेशा ट्रम्प के नीतियों और बयानबाजियों को आलोचनात्मक रूप से देखा है, और इस बार के बयानों ने इस विरोध को और भी तीखा बना दिया। मेलोनी ने भारत और अन्य देशों को भी अपने इस बयान में संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसी भी नेता को अपमानित या छोटा दिखाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। इस प्रकार के आरोपों को नकारते हुए उन्होंने अपने राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की रक्षा की है। अंत में कहा जा सकता है कि ट्रम्प द्वारा प्रस्तुत की गई कहानी ने न केवल उनकी विश्वसनीयता को बाधित किया, बल्कि इटली की प्रधान मंत्री की राजनीतिक स्थिरता को भी चौंका दिया। मेलोनी का दृढ़ उत्तर यह स्पष्ट करता है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या अपमान को झेलने को तैयार नहीं हैं और वह अपने देश की गरिमा को हमेशा प्राथमिकता देती रहेंगी। यह घटना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सत्य और झूठ के बीच की रेखा को फिर से परख रही है, और यह दर्शाती है कि भविष्य में ऐसे बीजी और विवादास्पद बयानों को कैसे संभाला जाएगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 19 Jun 2026