📰 Kotputli News
Breaking News: झारखंड राजस्व सभा चुनाव में ध्रुवीकरण: एनडीए समर्थित प्रत्याशी ने क्रॉस‑वोटिंग से जीता, अन्य सीट जमीनी स्तर पर जेएमएम के पास
🕒 3 hours ago

झारखंड में राजस्व सभा के दो खाली सीटों के लिए पंद्रह मार्च को हुए मतदान के परिणाम आज औपचारिक रूप से घोषित हुए हैं। गिरोह रचना और दलों के बीच हुई कड़ी लड़ाई के बाद, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा समर्थित प्रत्याशी ने अपनी पहली सीट के लिए एक तिहाई से अधिक मतों के साथ निर्णायक जीत हासिल की। इसके विपरीत, दूसरी सीट पर जनता मोचन पार्टी (जेएमएम) ने अपना मजबूत पकड़ बनाए रखी और उसे जीत दिलाई, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपनी अपेक्षित जीत से हाथ धोना पड़ा। यह परिणाम कई राजनैतिक विश्लेषकों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि क्रॉस‑वोटिंग का प्रयोग किस हद तक चुनावी समीकरण को बदल सकता है। वोटिंग प्रक्रिया के दौरान कई एनडीए के समर्थन में रहने वाले विधायकों ने अप्रत्याशित रूप से दल की आधिकारिक अनुग्रह प्रार्थना के विरुद्ध मतदान किया। इस अप्रत्याशित प्रवृत्ति को अक्सर "क्रॉस‑वोटिंग" कहा जाता है, जिसने पहली सीट के निर्णय में अहम भूमिका निभाई। एनडीए के मुख्य मंत्री ने इस घटना को "लोकतंत्र की अभिव्यक्ति" कहा, जबकि कांग्रेस ने इसे "विश्वासघात" का आरोप लगाया। दूसरी ओर, जेएमएम ने अपने ओर से लगातार धक्का दिया और अपने समर्थकों को निरंतर प्रेरित किया, जिससे वह दूसरी सीट पर बिना किसी प्रतिद्वंद्वी के निर्विरोध जीत हासिल कर सका। परिणाम की घोषणा के बाद राजनैतिक माहौल में तीव्र तेज़ी देखी गई। एनडीए के समर्थक सांसद ने घोषणा के बाद कहा, "हमारी जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता और विधायकों ने हमारे विकास कार्यों को सराहा है और हम आगे भी इस गति को बनाए रखेंगे"। दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इस जीत पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "क्रॉस‑वोटिंग ने हमारे दल की इंट्रा‑पार्टी एकता को क्षति पहुंचाई है और भविष्य में हमें अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है"। नतीजतन, अब झारखंड के राजनैतिक परिदृश्य में दो नई शक्तियों का उदय हुआ है। एक ओर एनडीए को केंद्र सरकार के प्रमुख नीति कार्यों में समर्थन मिलने की संभावना बढ़ी है, जबकि दूसरी ओर जेएमएम को राज्य के स्थानीय मुद्दों में बेहतर प्रभाव डालने का अवसर मिला है। विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम से अब झारखंड में सत्ता का संतुलन और अधिक जटिल हो गया है, और आने वाले शेष चुनावों में दोनों दलों को अपने-अपने आधार को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों का प्रवर्तन करना पड़ेगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 18 Jun 2026