राष्ट्रीय पात्रता परीक्षण (NEET) का पुनः परीक्षा 21 जून को निर्धारित होने के कारण शिक्षा मंत्रालय ने इस दिशा में विशेष कार्यवाही शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस संदर्भ में एक व्यापक समीक्षा बैठक का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रमुख, आयुर्विज्ञान संस्थानों के प्रतिनिधि और सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के सुचारू संचालन, उम्मीदवारों की सुरक्षा और प्रशासकीय प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाना था। इस पहल के तहत परीक्षा के लिए निर्धारित सभी केन्द्रों की तैयारियों की जाँच, अभ्यर्थियों के लिए नई लायाबिलिटी बीमा नीति और डिजिटल अधिसूचना प्रणाली के कार्यान्वयन पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में यह भी बताया गया कि पुनः परीक्षा के लिए नई एडमिट कार्ड प्रणाली को सरल बनाया गया है, जिससे उम्मीदवारों को जल्दी और सुविधाजनक ढंग से अपने दस्तावेज़ डाउनलोड करने में सहायता मिलेगी। नई प्रणाली में फोटो, हस्ताक्षर और वैध पहचान प्रमाण को स्वचालित रूप से सत्यापित किया जाएगा, जिससे त्रुटियों की संभावना घटेगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा के लिए निर्धारित केन्द्रों में अतिरिक्त बैठकों और प्रत्येक्षण प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी अनपेक्षित तकनीकी व्यवधान को तुरंत सुधारा जा सके। सुरक्षा पहलू को लेकर भारतीय वायु सेना ने 200 विशेष उड्डयन अभियानों के माध्यम से परीक्षा केन्द्रों की निगरानी को सख्त कर दिया है। यह कदम संभावित असुरक्षा और अनधिकृत प्रवेश को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। साथ ही, विभिन्न प्रांतों में पुलिस और विशेष सुरक्षा दलों को तैनात किया गया है, जो परीक्षा के दिन उपस्थिति में रहने वाले छात्रों और अभ्यर्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे। इस प्रकार की कठोर सुरक्षा व्यवस्था ने अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में भरोसा बढ़ाया है। समापन के रूप में, शिक्षा मंत्री ने कहा कि NEET पुनः परीक्षा का लक्ष्य केवल एक बार फिर से छात्रों को अपने योग्य स्थान पर पहुँचाना नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली में विश्वसनीयता और पारदर्शिता को भी स्थापित करना है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों को समय सीमा का पालन करने, त्वरित निर्णय लेने और किसी भी समस्या का समाधान शीघ्रता से करने का आह्वान किया। इस पहल के माध्यम से सरकार की यह आशा व्यक्त की गई है कि अभ्यर्थी बिना किसी बाधा के परीक्षा में भाग ले सकें और उनकी क्षमताओं को सही मंच पर प्रदर्शित कर सकें।