दिल्ली के एक प्रमुख होटल में पिछले सप्ताह हुए दुखद आगजनी में नौ लोगों की जान गई और कई घायल हुए। इस अत्यंत हताशा वाले हादसे की मुख्य वजह का पता लगाने की दिशा में पुलिस ने तेज कदम उठाए हैं। होटल के मुख्य किचन में काम कर रहे एक कुक को इस घटनाक्रम में लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। काफ़ी पूछताछ के बाद कुक ने कहा कि आग का आरम्भ फ्रायर (तेल में तली जाने वाली मशीन) में उत्पन्न हुई एक छोटा सा चमक था, जिससे तुरंत ही तेल में आग लग गई और वह पूरी रसोई में फैल कर होटल के कई कमरों तक पहुँचा। यह बयान पुलिस के सामने ६ घंटे की गहन पूछताछ के बाद सामने आया, जिसमें कुक ने बताया कि वह इलेक्ट्रिक स्टोव में अचानक विस्फोट की घटना को रोकने के लिये बिजली काट दे थे, परन्तु तब तक आग ने अपना जाल बिछा रखा था। जांच के दौरान पता चला कि होटल के किचन में फायर एक्स्टिंग्विशर की उचित व्यवस्था नहीं थी और फायर अलार्म की कार्यप्रणाली भी ठीक से नहीं चल रही थी। इसके अलावा, किचन की सतही सफाई और तेल की नियमित निकासी के लिए आवश्यक नियमों का भी उल्लंघन किया गया था। होटल प्रबंधन ने कहा कि वे इस त्रासदी के लिये गहरा शोक व्यक्त करते हैं और आगे की जांच में पूरी तरह सहयोग देंगे। किचन में उपयोग किए जा रहे उपकरणों की रखरखाव, ईंधन का सुरक्षित भंडारण और फायर सुरक्षा मानकों का पालन न होना इस हादसे के प्रमुख कारणों में से एक माना जा रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने कई अन्य कर्मचारियों को भी गवाह या संदेहास्पद के रूप में हिरासत में लिया। दो दिन की पुलिस हिरासत के बाद कुक को न्यायिक प्रक्रिया के अधीन कर दिया गया है। शहर के कई नागरिक असुरक्षित निर्माण और अपर्याप्त सुरक्षा मानकों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई विशेषज्ञों ने कहा कि शहरी इमारतों में उचित इंजीनियरिंग निगरानी और नियामक ढांचा न होने से ऐसी घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं और इस तरह के खतरों को रोका जा सकता है यदि उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ाई से लागू किया जाए। इस घटना ने फिर से इस बात को उजागर कर दिया है कि सभी प्रकार के सार्वजनिक ठिकानों पर फायर सुरक्षा के नियमों का पालन करना कितना आवश्यक है। जनता ने न्याय माँगा है और होटल के प्रबंधन से पूरी जिम्मेदारी लेने का अनुरोध किया है। न्यायिक प्रक्रिया के अंत तक इस बात का निर्धारण होगा कि किचन में लापरवाही के कारण हुई इस त्रासदी में कौन-कौन से पहलुओं की परख आवश्यक है, और भविष्य में इस तरह की दुर्दशा को टालने के लिये क्या-क्या कदम उठाए जाने चाहिए।