अमेरिका के रक्षा सचिव पीटर हेगसेथ ने हाल ही में शांघरी-ला संवाद में कहा कि वाशिंगटन पाकिस्तान के साथ एक "सच्ची मित्रता" विकसित कर रहा है। यह बयान इस बात को उजागर करता है कि दो देशों के बीच पारंपरिक रणनीतिक गड़बड़ियों के बावजूद अब सहयोगी पहलुओं को आगे बढ़ाने की इच्छा स्पष्ट है। हेगसेथ ने कहा कि पाकिस्तान की इरान-पराक्रमी वार्ता में मध्यस्थता भूमिका, दोनों देशों के बीच शांति और सुरक्षा को मजबूत करने में अहम योगदान दे रही है। इस प्रकार के बयान ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दोनों राष्ट्रों के बीच बढ़ती भरोसेमंदी को दर्शाया, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता के संकेत मिलते हैं। हेगसेथ ने यह भी कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम के संबंध में सख्त चेतावनी जारी करने की बजाय, सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए तैयार है। शांघरी-ला संवाद में उन्होंने पाकिस्तान की सुरक्षा जरूरतों को समझते हुए, डिफेंस सहयोग को विस्तार देने की बात की। इस दौरान, अमेरिकी प्रतिनिधियों ने भारतीय पत्रकार द्वारा की गई सवालों का जवाब देते हुए, यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ गठबंधन केवल आर्थिक या सैन्य कारणों से नहीं, बल्कि संयुक्त आतंकवाद विरोधी और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। भारत- पाकिस्तान संबंधों में निरंतर तनाव के मद्देनज़र, हेगसेथ का यह बयान कई विश्लेषकों ने संकेत माना है कि अमेरिका दक्षिण एशिया में अपनी रणनीतिक प्रस्थिति को पुनर्संतुलित करने का प्रयास कर रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हेगसेथ ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि पाकिस्तान के साथ बंधुता न केवल सैन्य सहायता तक सीमित रहे, बल्कि आर्थिक सहयोग, ऊर्जा साझेदारी और तकनीकी आदान-प्रदान के क्षेत्रों में भी विस्तार किया जाए। इस प्रकार की बहुस्तरीय मित्रता दोनों देशों के बीच पारस्परिक समझ को गहरा कर सकती है। निष्कर्षतः, अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ का पाकिस्तान के साथ "सच्ची मित्रता" का आह्वान एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत देता है। यह बदलाव न केवल US‑Pakistan द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देगा, बल्कि व्यापक रूप से एशियाई महाद्वीप में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करेगा। भविष्य में इस मित्रता की वास्तविक प्रभावशीलता देखनी होगी, पर वर्तमान में यह स्पष्ट है कि दोनों देशों ने अपने-अपने राष्ट्रीय हितों को मिलाकर एक सहयोगी ढांचा तैयार करने का इरादा रखा है।