दिल्ली‑एनसीआर के निवासियों को मौसम विभाग की ओर से गंभीर चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि क्षेत्र में तीव्र वर्षा, तेज़ हवाएँ और संभावित बारीश के साथ साथ रौंदती हवाओं की संभावना है। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि कल शाम से ही धुंध और बादलों का घना आवरण बन जाएगा, जिससे अचानक और भारी बारिश के साथ-साथ हवा में तेज़ी बढ़ेगी। इस कारण सड़क यातायात, विद्युत् लाइनों और बाहरी कार्यों में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इसलिए अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अवधि में धरती धूप की तेज़ी से बचने के लिए तैयार रही थी, लेकिन अब आ रही तेज़ हवाओं और अचानक बरसते पानी से तापमान में गिरावट हो सकती है। इस मौसम का प्रभाव न केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निकटवर्ती पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में भी समान परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने बताया कि निकट भविष्य में धूल के साथ तेज़ हवाओं की भी संभावना है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, विशेषकर अस्थमा और सांस संबंधी रोगियों को अधिक प्रभावित कर सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने पहले ही कई कदम उठाए हैं। दिल्ली के प्रमुख राजमार्गों पर जल निकासी के लिए अतिरिक्त पंप लगाए जा रहे हैं, जबकि जल आपूर्ति विभाग ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में पानी की टैंकों की व्यवस्था कर रखी है। साथ ही, ट्रैफिक पुलिस ने अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त मानवीय और तकनीकी संसाधन तैनात किए हैं। स्कूलों और कॉलेजों को भी सत्र की समाप्ति से पहले जल्दी छुट्टी की घोषणा कर दी गई है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अंत में, विशेषज्ञों ने निवासियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो हल्के, जलरोधक कपड़े और सुरक्षित हेल्मेट पहनें। बिजली के झड़ते पिंजरे और कमजोर इमारतों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए, क्योंकि बिजली गिरने और दरवाजे-खिड़कियों के टूटने की संभावना बढ़ सकती है। इस मौसम में उचित योजना और सतर्कता से ही हम इस तेज़ी से बदलते जलवायु के प्रभाव को कम कर सकते हैं।