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Breaking News: पोस्ट‑पोल हिंसा के शिकार के घर में तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का खुलासा
🕒 8 hours ago

दक्षिण २४ परगना में पोस्ट‑पोल हिंसा के शिकार के परिजनों से मिलने के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रमुख शख्स अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने फिर से राजनीति में बढ़ते दंगे और हिंसा को उजागर किया है। यह घटना २६ मार्च को हुई, जब बनर्जी ने हिंसक समूहों द्वारा किए गए हमले का सामना किया। उनका शर्ट फाड़ लिया गया, चश्मा टूट गया और कई बार पत्थर भी फेंके गए। इस हमले से न केवल उनके शारीरिक सुरक्षा को बड़ा झटका लगा, बल्कि उनके परिवार, सहयोगियों और पार्टी के भीतर भी गहरी चिंता उत्पन्न हुई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बनर्जी ने यह यात्रा इस जिले में हुए पोस्ट‑पोल हिंसा के पीड़ितों के आश्रय स्थल पर जाकर उनके परिवारों को सांत्वना देने के इरादे से की थी। परन्तु उनकी इस मानवीय मिशन को कुछ अज्ञात समूहों ने हिंसक प्रतिक्रिया के रूप में लपेटा। उपरांत में बी. जे. पी के कई नेता और स्थानीय नेताओं ने इस घटना को लेकर तीव्र प्रतिक्रिया जताई, यह दावा करते हुए कि यह एक नियोजित हमला था और जिम्मेदारी बनर्जी की पार्टी पर परिलक्षित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस तरह की हिंसा जारी रही तो भविष्य में पार्टी के सक्रिय सदस्यों के लिए सुरक्षित जगह बनाना मुश्किल हो सकता है। घटना के बाद, स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी और कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। तथापि, अभी तक इस हिंसा के पीछे के वास्तविक उद्देश्यों और संगठित समूहों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस बीच, टाटा मंडल के प्रमुख नेता ने सोशल मीडिया पर अभिषेक बनर्जी को समर्थन व्यक्त किया और कहा कि "हिंसा के सामने डगमगाना नहीं चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिये एकजुट होना चाहिए"। इसके अलावा, कई राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि यह हमला न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर है, बल्कि यह राजनीतिक माहौल में बढ़ते तनाव और गहरी ध्रुवीकरण का प्रतीक भी है। परिणामस्वरूप, इस घटना ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। कई विशेषज्ञों ने कहा कि सामाजिक तनाव को कम करने के लिये सभी राजनीतिक दलों को मिलकर शांति बनाये रखने के उपाय करने चाहिए। अभिषेक बनर्जी के इस हमले पर प्रतिक्रिया में टाटा मंडल ने कई सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और अपने कार्यकर्ताओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि इस प्रकार की हिंसा को नियंत्रित करने के लिये सख्त कदम उठाए जाएँ, ताकि लोकतंत्र की सच्ची भावना संरक्षित रहे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 30 May 2026