📰 Kotputli News
Breaking News: सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर तनाव: अंडे‑पत्थर से लेकर हिट के आरोप, टीएमसी‑भाजपा के बीच आई टकराव
🕒 9 hours ago

सोनारपुर में उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांसद अभिषेक बनर्जी के घर पर हुई भीड़भाड़ वाली घोड़ी ने पूरे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गर्मी भड़का दी। 23 मार्च को पार्टी कार्यकर्ता के घर दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने बनर्जी को अंडे, पत्थर और मुफ्ती-कुचली के साथ हमला कर दिया। इस घटना ने टिनामूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच तीखी खींचतान को जन्म दिया, जहाँ दोनों ही पार्टियों ने एक-दूसरे पर हिंसा को उकसाने का आरोप लगाया। घटना के दौरान बनर्जी के आसपास मौजूद लोगों ने कई बार कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि बड़ी राजनीतिक चाल है। थके हुए लोगों की भीड़ ने बनर्जी पर देर रात तक हमला किया, कई बार उनके ऊपर ढेर सारा अंडा और पत्थर फेंके। बनर्जी को चोटें आईं, और उन पर मामूली चोट के कारण अस्पताल में दाखिल किया गया। अभिषेक बनर्जी, जो संघ के नेता सरलता से नहीं भुला सकते, उन्होंने बाद में कहा, "हमारे परिवार के सदस्य पर इस तरह का हमला असहनीय है, और यह दिखाता है कि विरोधी पार्टियां हिंसा को हथियार बनाकर सार्वजनिक सम्मान को ताना मार रही हैं।" टिनामूल कांग्रेस के प्रमुख नेता ममता बनर्जी ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि यह "रूलर बन गए हत्यारे" की कहानी है। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर किए गए इस हमले में केवल स्थानीय जनता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी आतंकवादी संगठनों की भागीदारी है। इस बीच, भाजपा ने ममता बनर्जी को दोषी ठहराते हुए कहा कि उनका पार्टी का समर्थन करने वाले लोग अक्सर हिंसक कार्यों में लिप्त हो जाते हैं। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के समर्थन में कहा, "हमारा दायित्व है कि हम इस प्रकार की हिंसा को रोकें और जिम्मेदारियों को सटीक रूप से पेश करें।" सोनारपुर की इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को भी घबराहट में डाल दिया। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के कठोर रेज़िस्टेंस के कारण स्थिति और बिगड़ गई। कुछ स्थानीय लोग तो पुलिस के साथ भी भिड़ गए, जिससे कानून व्यवस्था और बिखरने लगी। अंततः, बहु-स्तरीय सुरक्षा टीमों को भेजा गया और कई लोगों को अनुशासनात्मक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा। नतीजतन, इस संघर्ष ने बंगाल के राजनीति में तनाव को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा दिया है। अभिषेक बनर्जी की चोटों की रिपोर्टों के बाद, टिनामूल कांग्रेस ने राज्य में अपनी शक्ति को पुनर्स्थापित करने की कोशिश जारी रखी, जबकि भाजपा ने इस घटना को अपने विपक्षी अभियानों में प्रयोग करने का इरादा जताया। इस प्रकार, सोनारपुर में हुए अंडा‑पत्थर हमले ने न केवल एक व्यक्तिगत कष्ट को उजागर किया, बल्कि दो प्रमुख राष्ट्रीय दलों के बीच गहरी वैरता को और भी स्पष्ट कर दिया है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 30 May 2026