सीबीएसई ने कक्षा 12 के उत्तर पत्रों के पुनर्मूल्यांकन के लिए अपना नया पोर्टल 1 जून से चालू करने का ऐलान किया है। यह कदम छात्रों की परीक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले साल के पुनर्मूल्यांकन में तकनीकी गड़बड़ियों और प्रक्रिया में देरी की कई शिकायतें सामने आई थीं, जिससे छात्रों को अनावश्यक तनाव का सामना करना पड़ा। अब नई प्रणाली के तहत विद्यार्थी अपने उत्तर पत्रों को ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं, और उनकी पुनःजाँच के परिणाम तुरंत पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। पोर्टल का उपयोग आसान बनाने के लिए विस्तृत निर्देश और वीडियो ट्यूटोरियल भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे सभी वर्गों के छात्रों को सहज अनुभव मिलेगा। पुनर्मूल्यांकन के दायरे में केवल उन प्रश्नों की पुनःजाँच शामिल होगी, जिनके लिए छात्र विशेष रूप से आवेदन करेंगे। इसके लिए छात्रों को अपने विद्यालय से प्राप्त विशेष कोड का उपयोग करना होगा, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। अनुरोध करने की अंतिम तिथि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद दो हफ्ते निर्धारित की गई है, और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को पूर्ण होने में लगभग दो माह का समय लगेगा। इस दौरान तकनीकी टीम द्वारा पोर्टल की नियमित निगरानी और सुरक्षा जांच की जाएगी, ताकि संभावित हैकिंग या डेटा में छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से बचाव हो सके। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पहल की कड़ी प्रशंसा की, साथ ही पिछले वर्ष के कुछ तकनीकी मुद्दों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए विशेष विभागीय कार्यसमूह गठित किया है, जो सभी तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियों को तुरंत सुधारने में सक्षम होगा। इस कदम से छात्रों को यह भरोसा मिलेगा कि उनके अंक सही और निष्पक्ष तरीके से पुनःजाए जाएंगे, और किसी भी प्रकार की त्रुटि के मामले में जल्द ही समाधान मिलेगा। नतीजतन, इस नई पोर्टल प्रणाली से न केवल छात्रों को अपने शैक्षणिक भविष्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि सीबीएसई की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी भी स्थापित होगी। अब छात्रों को केवल परिणामों की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी, बल्कि वे अपने उत्तर पत्रों की पुन:जाँच के लिए सक्रिय रूप से आवेदन कर सकेंगे और अपनी मेहनत का उचित सम्मान पा सकेंगे।