वेस्ट बंगाल में पाँचवें विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होते ही स्थिति अस्थिर हो गई, क्योंकि कई गढ़ों में मतदान के बाद झगड़े और हवाई हमले हुए। चुनाव आयोग (सीईसी) ने तुरंत ही इस हिंसा के पीछे शामिल सभी व्यक्तियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया, जिससे क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कर्नल ग्यानेश कुमार, चेयरमैन, ने सीईसी को निर्देशित कर कहा कि पुलिस को बिना कोई देरी किए उन सभी पर कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने पोस्ट-मतदान हिंसा में भाग लिया। इस आदेश के बाद, पुलिस ने कई थाने के पास मौजूद सुरक्षा कर्मियों को उतार-चढ़ाव वाले क्षेत्रों में सक्रिय कर दिया और तुरंत जांच शुरू की। इस दौरान सैंडेशखाली में दो प्रमुख टीएमसी समूहों के बीच झड़प हुई, जिसमें पाँच सुरक्षा कर्मी घायल हुए और दोनों पक्षों ने आपसी गबन के आरोप लगाए। उसी समय, कुछ जगहों पर टैलीबंद बमों का भी प्रहार किया गया, जिससे नागरिकों में भय की लहर दौड़ गई। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कई टेलीविजन चैनलों ने दिखाया कि टीएमसी के कुछ कार्यालयों पर बीजेपी समर्थकों ने बॉलडोजर का उपयोग करके तोड़ फोड़ की कोशिश की, जबकि केंद्रीय सुरक्षा बलों को इस मद्दे में झूठे आदेशों के तहत "इजाज़त" देने का दावा किया गया। इन घटनाओं के बाद, सीईसी ने सुरक्षा कर्मियों को सख्त चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और इस दिशा में विशेष निगरानी रखी जाएगी। भयावह आगजनी और सशस्त्र टकराव की वजह से इस चुनाव में तीन लोग शहीद हो गए और कई लोग घायल हुए। भारत की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ऐसी हिंसा को रोकने के लिए सीईसी ने सख्त कदम उठाने का संकल्प लिया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। अंत में, चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करें, ताकि जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित किया जा सके।