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Breaking News: दिल्ली के शाहदरा एसी‑बिजली शॉर्ट सर्किट में घटी त्रासदी: लॉक‑डोर फ्लैट्स में जलती आग, 9 मौतें
🕒 2 hours ago

पहुंचते ही सबको चौंका देने वाली खबर ने दिल्ली के शाहदारा के एक हाई‑राइस फ्लैट कंप्लेक्स को हाल ही में अचानक हुई भयानक आग का शिकार बना दिया। रात के लगभग तीन बजे, ओवरहीटेड एसी की शॉर्ट सर्किट के कारण एक तेज़ी से फैली आग ने कई मंज़िलों को अपना भयावह जाल बुन दिया। इस आकाशीय इमारत में कई तल पर ग्रिल और लोहे की जाल वाली बालकनी लगी हुई थी, जिससे क़ाबिल‑ए‑ध्यान बन गया वह जगह ही एक मृत्युकुंड बन गया। बाढ़ की तरह फड़फड़ाती लपटें कोना‑कोना तक फैल गईं, जबकि दरवाज़े और खिड़कियां सभी जाम हो चुकी थीं, जिससे रहने वाले लोग बाहर निकलने में असमर्थ रह गए। आग की तल्ख़ी के कारण, यदि बाहर निकलने का एक भी रास्ता खुलता तो बहादुर लोग भाग सकते थे, परंतु कई फ्लैट्स में लोहे के ग्रिल और बंद दरवाज़ों ने बचाव का रास्ता बंद कर दिया। इन्फ़ॉर्मेशन के अनुसार, कई परिवार अपने घरों में सो रहे थे, जब अचानक तेज़ आवाज़ के साथ लपटें भड़कीं और धुएँ का घना धुंध घर के सभी कोनों में भर गया। आग की तीव्रता के कारण, पहले ही कई कमरे छोटे‑छोटे कोने में धूल बना रहे थे, जिससे लोगों का श्वास बाधित हो गया। बीते दशकों में रेलवे ट्रैक, सड़कों और इमारतों में वेंटिलेशन प्रणाली की उपेक्षा सही रहे, परन्तु इस खतरे ने एक बार फिर से यह सिद्ध कर दिया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी घातक हो सकती है। डायरेक्ट पोस्ट में बताया गया कि इस मैत्री समूह के भीतर कम से कम नौ लोग अपनी जान गंवाए, जिसमें एक टॉडलर भी शामिल था। बचे हुए लोग बड़ी पीड़ित हुईं, कुछ को गंभीर जलन से ग्रस्त किया गया और कई को चोटों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। फायर ब्रिगेड को आग को काबू करने में दो घंटे से अधिक समय लगा, जबकि कूदते-भाड़ते आग ने इमारत के कई हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि आकस्मिक रूप से बंद दरवाज़े और ग्रिल वाले balconie, जो अक्सर न्यू टाउन इमारतों में सौंदर्य के लिये स्थापित किए जाते हैं, वास्तव में जीवन जोखिम पैदा कर सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नगर निगम ने तुरंत इस इमारत की व्यापक जाँच का आदेश दिया है। विशेषज्ञों ने कहा कि कूलिंग उपकरण जैसे एयर कंडीशनर, हीटर, फ्रीज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सही सॉकेटिंग और वारंटी चेक न होने से ही ऐसी आपदाएँ बार-बार सामने आती हैं। शहर के कई हिस्सों में गर्मी की लहरें जारी हैं और बिजली की लोडिंग अधिक होने के कारण शॉर्ट सर्किट की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू किया जाए, विशेषकर लॉक‑डोर, ग्रिलेड बालकनी, और इमरजेंसी एग्ज़िट के सही रखरखाव को लेकर, तभी भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा। इस दुखद घटना ने न केवल परिवारों को गहरी शोक में डाला है, बल्कि इस बात की चेतावनी भी दी है कि आवासीय इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी बड़ी हानि पहुंचा सकती है। अब यह ज़रूरी है कि नागरिक, निर्माणकर्ता और प्रशासन मिलकर इस प्रकार की खामियों को जल्द से जल्द दूर करें, ताकि अगली बार कोई भी ऐसी नाज़ुक स्थिति न उत्पन्न हो और हर परिवार सुरक्षित रह सके।

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✍️ By Pradeep Yadav | 03 May 2026