चार्टर्ड अकाउंटेंसी का सपना छोड़कर बाड़मेर की रुचिका ने चुनी संयम की राह
जीवन को एक नया मोड़ देते हुए बाड़मेर निवासी रुचिका ने चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के अपने पारंपरिक करियर के सपने को पीछे छोड़ दिया है। इसके विपरीत, उन्होंने धार्मिक दीक्षा ग्रहण कर संयम और तपस्या के कठोर आध्यात्मिक मार्ग को अपनाने का निर्णय लिया है। यह महत्वप