सीकर का ऐतिहासिक रंगमंच बिना डिजिटल तकनीक के प्राचीन परंपरा से जीवंत कर रहा रामलीला
सीकर का ऐतिहासिक श्री कल्याण रंगमंच वर्ष 1962 में स्थापित अपनी अनूठी और प्राचीन मंचीय तकनीक के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। बिना किसी डिजिटल तकनीक के यह मंच केवल 7 पर्दों, 11 रस्सियों और 2 फीट ढलान के सहारे रामलीला के दृश्यों को जीवंत करता ह